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गूगल लाएगा नया करामाती फीचर, यूजर्स कर सकेंगे दूसरे चैटबॉट से जेमिनी में चैट इंपोर्ट, जानें क्या है अपडेट

गूगल के इस नए फीचर से एआई चैटबॉट के बीच आपका चैट करने और इससे मदद लेने का तरीका बिलकुल बदल सकता है और सहूलियत से भरपूर हो सकता है।

Written By: Meenakshi Prakash @meenakshiprakas
Published : Feb 03, 2026 03:17 pm IST, Updated : Feb 03, 2026 03:17 pm IST
Google Gemini- India TV Hindi
Image Source : GOOGLE गूगल जेमिनी

Google Gemini Feature: गूगल एक नए फीचर पर काम कर रहा है जो जेमिनी के लिए बड़ा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है। इसके तहत गूगल का लक्ष्य है कि अन्य चैटबॉट से गूगल के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म जेमिनी पर यूजर्स स्विच कर सकें और इसके लिए उन्हें ज्यादा कवायद ना करनी पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल इस समय 'इंपोर्ट एआई चैट्स' फीचर पर काम कर रहा है जिसके जरिए यूजर्स अपनी पूरी चैट हिस्ट्री को जेमिनी पर ला सकेंगे। उदाहरण के लिए ओपनएआई के चैटजीपीटी पर किए जा रहे चैट या अन्य काम के बारे में जेमिनी को बताने की जरूरत नहीं होगी। इसके जरिए यूजर्स को अपने चल रहे प्रोजेक्ट वर्क को खोने का डर नहीं होगा और ना ही चैटबॉट में स्विचिंग के समय जेमिनी को अपनी प्रिफरेंस बताने की जरूरत होगी।

जेमिनी में इंपोर्ट एआई चैट फीचर मिलेगा

एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर डेटा इंपोर्ट करना हमेशा से एक बड़ा काम रहता है और जब ये एंड्रॉइड और iOS के बीच हो तो ये काम और बड़ा हो जाता है। इकोसिस्टम लॉक-इन का काम हमेशा बड़ा होता है और अगर आपको अलग-अलग कॉन्फिगरेशन के बीच स्विचिंग करनी हो तो ये काम और बड़ा हो जाता है। 

AI चैटबॉट के लगातार बढ़ने के साथ-साथ ये समान दिक्कतें भी और बढ़ेगी, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। लिहाजा ऐसे प्लेटफॉर्म की जरूरत पड़ेगी जो ना केवल पिछले संवादों से आपका पिछला कन्वर्सेशन इंपोर्ट कर सकेगा, बल्कि इसे क्रिएट करने के लिए मैमोरी की भी जरूरत पड़ेगी। माना जा सकता है कि ऐसे चैटबॉट की जरूरत पड़ेगी जो आपके चैटबॉट डेटा को एक जगह-एक साथ संभालकर रख सके और इसी का ख्याल रखने का काम शायद गूगल जेमिनी के इस नए फीचर के जरिए हो सकेगा।

बीटा फीचर के तौर पर देखा गया फीचर

गूगल का ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज में चल रहा है और टेस्टिंग कैटलॉग रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का ये प्रयास है कि ये “Import AI chats” फीचर इसके यूजर्स के लिए किसी भी तरह से कोई परेशानी का सबब ना बने। ये फीचर इसके वेब क्लाइंट के बीच एक बीटा फीचर के तौर पर देखा गया है जिसका अर्थ है कि ये अभी आम यूजर्स के लिए मौजूद नहीं है। इसके अलावा ये भी माना जा सकता है कि ये फीचर लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही पब्लिक के बीच लॉन्च हो सकता है।

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