OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कंपनियों के हायरिंग प्रोसेस को स्लो करने के लिए चेतावनी दी है। आने वाले समय में एआई की वजह से हायरिंग प्रोसेस को स्लो करने की जरूरत है।
एप्पल के नए सिरी वर्जन को लेकर कई रिपोर्ट्स आ रही हैं जिनमें अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं लेकिन मार्क गुरमैन की ताजा रिपोर्ट से इसके रोलआउट के टाइम के बारे में काफी जानकारी मिल रही है।
अगर, आप गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, ग्रोक जैसे एआई चैटबॉट के साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट समेत निजी जानकारियां शेयर कर रहे हैं तो ये काफी खतरनाक साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स ने इसे नुकसानदायक बताया है।
ऑनलाइन कामों के लिए चैटजीपीटी की मदद लेते हैं तो ये खबर आपके काम की है। अब इस पर गलत उम्र बताकर सेंसेटिव जवाब या कंटेंट लेने की इजाजत नहीं होगी।
एआई की दुनिया के सबसे बड़े नामों में से एक OpenAi की अपनी पहली एआई हार्डवेयर डिवाइस को लेकर जो प्लानिंग चल रही है, उसके बारे में यहां जान सकते हैं।
कर्मचारियों को चैटजीपीटी से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स को अनिश्चितकाल के लिए रोकने और कथित तौर पर कोड रेड घोषित करने के एक महीने बाद ये घोषणा सैम ऑल्टमैन की तरफ से आई है।
Google ने अपना नया एआई टूल TranslateGemma लॉन्च किया है। यह टूल OpenAI के ChatGPT Translate को कड़ी टक्कर देने वाला है। गूगल और ओपनएआई के बीच एक और नए वॉर की शुरुआत हो गई है।
जिनको अपनी हेल्थ का ख्याल है उनको चैटजीपीटी हेल्थ के रूप में नया साथी मिल रहा है जो ना केवल सवालों के जवाब देगा बल्कि कई और संबंधित काम करने में मदद करेगा।
OpenAI ने एआई जॉब्स के लिए खजाना खोल दिया है। कंपनी ने गूगल को पीछे छोड़ते हुए एआई जॉब्स के लिए एवरेज 13.5 करोड़ का पैकेज ऑफर किया है, जो कई बड़ी टेक कंपनियों के मुकाबले ज्यादा है।
एक साधारण पेन की तरह दिखने वाले डिवाइस में ऐसे-ऐसे एआई फीचर्स मिलने का दावा है जो आपके कई लिखित कामों की पूरी तस्वीर बदल देंगे।
चैटजीपीटी को लेकर एआई के दिग्गज साइंटिस्ट ने ऐसी बात कही है कि इसे यूज करने से पहले आपको सोचना पड़ेगा। चैटजीपीटी जैसे जेनरेटिव एआई टूल्स आने वाले समय में इंसानों के लिए खतरा हो सकता है।
भारत में एआई टूल्स के यूजर्स की संख्यां तेजी से बढ़ रही है। गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, ग्रोक जैसे एआई चैटबॉट डेली बेसिस पर यूज किए जा रहे हैं। भारत को एआई का तेजी से बढ़ता हुआ बाजार कहा जा रहा है। आइए, जानते हैं भारत में सबसे ज्यादा यूज होने वाले AI चैटबॉट्स के बारे में...
माना जा रहा है कि इससे OpenAI के एआई चैटबॉट ChatGpt को कड़ी टक्कर मिलने वाली है और ये एआई सर्च के फील्ड में गूगल का प्रभुत्व जमाने की पूरी क्षमता रखता है।
OpenAI ने प्लेटफॉर्म में बड़े बदलाव लाने के लिए ग्लेन कोट्स को ऐप प्लेटफॉर्म के नए हेड के रूप में भी नियुक्त किया है।
चैट जीपीटी ने दुनिया पहली बार सनसनीखेज हत्या की घटना को अंजाम दिया है, जिसके बारे में जानकर आपके होश फाख्ते हो जाएंगे। यह घटना अमेरिका में हुई है।
भारत में एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए मेंडेटरी रॉयलिटी सिस्टम लागू किया जा सकता है। इसके लिए DPIIT ने साल की शुरुआत में 8 सदस्यीय कमिटी गठित की थी। इस कमिटी ने सरकार को जीरो प्राइस लाइसेंस मॉडल का अल्टर्नेटिव सुझाया है।
एआई वाले खिलौने पैरेंट्स के लिए सिरदर्द बन गए हैं। एक्सपर्ट्स ने इनके इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, एआई वाले खिलौने बच्चों से 'गंदी बात' कर रहे हैं।
ChatGPT में ग्रुप चैट यूजर्स को प्लान बनाने या प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए एक साथ आने की सुविधा देती है। ध्यान दें कि OpenAI मॉडल के साथ ग्रुप चैट आपकी निजी बातचीत से अलग होती हैं।
चैटजीपीटी पर एक ग्रुप का इनवाइट आप अधिकतम 20 लोगों तक शेयर कर सकते हैं और इसके लिए ग्रुप क्रिएट करना होगा।
कंपनी ने बयान में कहा कि इस सहयोग से फोनपे यूजर्स को फोनपे कंज्यूमर्स ऐप और फोनपे फॉर बिजनेस ऐप के जरिए सीधे चैटजीपीटी की एडवांस्ड एआई सर्विसेज मिलेंगी।
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