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AI वाले खिलौने बच्चों से कर रहे 'गंदी बात', एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता, रहें सावधान

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Dec 02, 2025 07:29 pm IST,  Updated : Dec 02, 2025 07:29 pm IST

एआई वाले खिलौने पैरेंट्स के लिए सिरदर्द बन गए हैं। एक्सपर्ट्स ने इनके इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, एआई वाले खिलौने बच्चों से 'गंदी बात' कर रहे हैं।

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एआई वाले खिलौने (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Source : UNSPLASH

AI जैसे-जैसे हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, वैसे-वैसे इससे जुड़े विवाद सामने आ रहे हैं। एआई के जरिए फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाने का काम किया जा रहा। साथ ही, एआई का इस्तेमाल बच्चों के खिलौने में किया जा रहा है। एआई वाले खिलौने को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसे लेकर एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है। एआई वाले खिलौने बच्चों से 'गंदी बात' करता हुआ पाया गया, जिसे लेकर बवाल मचा है।

ये टेडी बियर करता है 'गंदी बात'

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 'कुम्मा' नाम के एक एआई टेडी बियर ने बच्चों से हिंसक और अश्लील बातें की है। यह एआई खिलौना OpneAI के लार्ज लैंग्वेज मॉडल GPT-4o पर काम करता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एआई वाले खिलौने न सिर्फ बच्चों से 'गंदी बात' करते हैं, बल्कि उनकी आवाज और बातें भी रिकॉर्ड करते हैं। अमेरिका के 80 से ज्यादा संगठनों ने पैरेंट्स को एआई वाले खिलौनों से दूर रहने की चेतावनी जारी की है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चे एआई वाले खिलौनों से भावनात्मक रूप पर निर्भर हो सकते हैं, जो उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रभाव डाल सकता है। इस साल अगस्त में OpenAI के चैटजीपीटी मॉडल की बातों में आकर एक 16 साल के टीनएजर ने आत्महत्या कर ली थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई चैटबॉट में दिए गए सेफगार्ड कामगर साबित नहीं हो रहे हैं। खास तौर पर लंबी बातचीत में इसकी सेफ्टी ट्रेनिंग में गिरावट देखी गई है।

एआई खिलौनों का उभरता बाजार

सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में स्मार्ट टॉय का मार्केट 16.7 अरब डॉलर का था, जिसे 2030 तक दोगुना होने का अनुमान है। यूरोपीय यूनियन ने भी एआई वाले खिलौनों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा है। हालांकि, भारत में इसे लेकर कोई अलग से कानून नहीं है। ऐसे में ये एआई खिलौने बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, कुछ एआई टॉय बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने और इंटरैक्शन को बेहतर बनाने का काम करते हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल का रिस्क भी उतना ही ज्यादा है।

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