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मोबाइल की आदत बिगाड़ रही बच्चों की सेहत, आंखों की रोशनी हो रही खत्म, स्वामी रामदेव से जानें इसे कैसे रोका जाए

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Ritu Raj
 Published : Jan 29, 2026 08:50 am IST,  Updated : Jan 29, 2026 08:50 am IST

आजकल के डिजिटल दौर में बच्चों का स्क्रीन टाइम जिस तेजी से बढ़ा है, उसका सीधा असर उनकी आंखों की रोशनी और मानसिक विकास पर पड़ रहा है। इसे मेडिकल भाषा में अक्सर 'डिजिटल आई स्ट्रेन' या 'कंप्यूटर विजन सिंड्रोम' कहा जाता है। ऐसे में स्वामी रामदेव से जानेंगे कि इसे कैसे रोका जाए।

मोबाइल की आदत बिगाड़ रही बच्चों की सेहत- India TV Hindi
मोबाइल की आदत बिगाड़ रही बच्चों की सेहत

जिसकी नजर दूर तक जाती है वो आने वाला खतरा पहले देख लेता है। लेकिन सवाल ये है कौन कितना दूर देख सकता है ? और सबसे अहम सवाल क्या इंसान सच में सबसे दूर तक देखने वाला प्राणी है ? अगर दूर तक देखने की बात करें तो कुदरत ने इंसान से कहीं ज्यादा ताकत जानवरों को दी है। देखिए जरा डॉग 6 मीटर, हाथी 20 मीटर, हिरण 100 मीटर, जिराफ 1.5 किलोमीटर, ऊल्लू 2 किलोमीटर और बाज पूरे 5 किलोमीटर दूर तक देख सकता है। और तभी तो आसमान में उड़ता बाज हजारों फीट नीचे अपने शिकार की हलचल तक देख लेता है और वहीं 50 मीटर के बाद ही इंसान की नजर धुंधली होने लगती है। 

Animal Vision is Engineered for Distance Human Vision is Designed for Balance यानि जानवरों की आंखें बनी हैं दूर देखने के लिए और इंसान की आंखें बनी हैं। रंगों की सटीक पहचान करने के लिए चेहरे पहचानने के लिए..पढ़ने के लिए। बारीक काम करने के लिए मतलब माहौल के हिसाब से आंखों का बैलेंस्ड इस्तेमाल करने के लिए लेकिन आज इंसान ये तालमेल बैठाना भूल गया है। आज लोग घंटों स्क्रीन देखते हैं, मोबाइल पर आंखें गड़ाए रहते हैं। नतीजा आंखें कम उम्र में ही जवाब दे रही हैं। 

लगातार फोन पर आंखें गड़ाए रहने से कम उम्र में ही बच्चों की आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं। आंखों में तिरछापन-भेंगापन-मायोपिया और नंबर तेजी से बढ़ना, अब महामारी की तरह फैल रहा है। इसमें जो सबसे डरावनी बात है वो ये कि ये सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं है। इसका असर बच्चों के दिमाग और बिहैवियर पर पड़ रहा है। बच्चे शांत नहीं रहते हमेशा चिड़चिड़ा महसूस करते हैं। नींद पूरी नहीं हो रही जिससे आंखों पर लगातार स्ट्रेस बना रहता है। ऐसे में स्वामी रामदेव से जानेंगे कि इसे कैसे रोका जाए। 

बच्चे स्क्रीन पर रोजाना कितना समय बिता रहे ?

बच्चे      समय 
27%   3–6 घंटे
22%          1–3 घंटे
22%     6 घंटे से ज्यादा
12%    7 घंटे से ज्यादा

मोबाइल की आदत बिगाड़ रही सेहत

परेशानी    कितने बच्चों में
बेचैनी  61% 
गुस्सा   58%
हाइपरएक्टिव  50% 
चिड़चिड़ापन 47%
सुस्ती        47% 

इंटरनेट पर बच्चों की लत क्या है ? 

OTT     70% 
सोशल मीडिया 64%
ऑनलाइन गेमिंग   28%
अन्य गतिविधियां  12%

आंखों की रोशनी बढ़ाएं 

सुबह-शाम 30 मिनट प्राणायाम करें। 

अनुलोम-विलोम करें। 

7 बार भ्रामरी करें।

आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं

'महात्रिफला घृत' पीएं। इसे 1 चम्मच दूध के साथ लें। इसके साथ ही इसका सेवन दिन में दो बार खाने के करें। 

 
एलोवेरा-आंवला का जूस पीएं। आंवला से आंखें तेज़ होती हैं। 

खाएं ये चीजें, उतरेगा चश्मा

बादाम, सौंफ और मिश्री लें। 
पीस कर पाउडर बना लें।
रात को गर्म दूध के साथ लें। 

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