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साइबर क्राइम यूनिट का मोबाइल यूजर्स को अलर्ट, इस नए तरीके से स्कैमर्स खाली कर सकते हैं बैंक अकाउंट-जानें कैसे बचें

Written By: Meenakshi Prakash @meenakshiprakas Published : Dec 30, 2025 02:24 pm IST, Updated : Dec 30, 2025 02:24 pm IST

ये एक ऐसा स्कैम है जिसके बारे में आमतौर पर यूजर्स को आसानी से पता भी नहीं चल पाता और उनके बैंक खातों से लेकर व्हाट्सऐप तक की सेंसेटिव जानकारी भी स्कैमर्स को मिल जाती है।

Cyber Crime Unit Alert- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK साइबर क्राइम यूनिट का अलर्ट

Alert To Movbile Users: नेशनल साइबर क्राइम थेफ्ट एनालिसिस यूनिट ने नागरिकों को USSD-आधारित कॉल फॉरवर्डिंग घोटाले के बारे में चेतावनी देते हुए एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिससे वित्तीय धोखाधड़ी और खातों पर कब्ज़ा हो रहा है। यह चेतावनी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के तहत जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि अपराधी इंटरनेट एक्सेस की आवश्यकता के बिना सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने के लिए बुनियादी टेलीकॉम सर्विसेज का गलत इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। अपराधी डिलीवरी एजेंट बनकर बैंक कॉल, ओटीपी और मैसेजिंग ऐप वैरिफेकेशन को इंटरसेप्ट कर रहे हैं।

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की साइबरक्राइम यूनिट ने इंडियन यूजर्स को USSD बेस्ड कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के बारे में अलर्ट किया है कि फ्रॉडस्टर्स डिलीवरी एजेंट बनकर बैंक कॉल, ओटीपी और मैसेज ऐप वेरिफिकेशन को इंटरसेप्ट करते हैं, यानी इसके जरिए यूजर्स की सारी जानकारी का ऐक्सेस ले लेते हैं और फिर इस जानकारी का यूज करके यूजर्स के बैंक खातों को खाली तक कर देते हैं।

कैसे अंजाम देते हैं साइबर क्रिमिनल्स इस स्कैम को 

एडवाइजरी के मुताबिक यह स्कैम सोशल इंजीनियरिंग पर बेस्ड है और टेलीकॉम सेवाओं में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले USSD कोड के बारे में यूजर्स की कम जानकारी का फायदा उठाता है। USSD कोड इंटरनेट एक्सेस के बिना भी काम कर सकते हैं और तुरंत एक्टिव होने के चलते ये बेहद डेंजेरस हो सकते हैं। 

USSD कॉल फॉरवर्डिंग घोटाला कैसे काम करता है

एडवाइजरी में बताया गया है कि साइबर अपराधी कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर पीड़ितों से पार्सल डिलीवरी को कन्फर्म या रीशेड्यूल करने के बहाने कॉन्टेक्ट करते हैं। कॉल के दौरान या एसएमएस के जरिए पीड़ितों को एक USSD कोड डायल करने के लिए कहा जाता है जो आमतौर पर 21 से शुरू होने वाला एक मोबाइल नंबर होता है और इसका कंट्रोल साइबर क्रिमिनल के पास होता है। इस कोड के डायल करते ही यूजर्स के फोन पर कॉल फॉरवर्डिंग ऑटोमैटिक तरीके से चालू हो जाती है जिसके बाद बैंक से आने वाली कॉल से लेकर ओटीपी वेरिफिकेशन और ऐप वेरिफिकेशन कॉल का एक्सेस सीधा स्कैमर्स को मिल जाता है। फिर क्या, इसके बाद साइबर क्रिमिनल्स यूजर्स की जानकारी के बिना ही ट्रांजेक्शन को अप्रूव भी कर सकते हैं और उनके बैंक अकाउंट्स तक को कंट्रोल कर सकते हैं।

यूजर्स कैसे बचें इस स्कैम से 

स्कैमर्स अक्सर कॉल पर कहते हैं कि "आपका सिम ब्लॉक होने वाला है" या "आपको इनाम मिला है," और फिर आपसे *401*<मोबाइल नंबर># जैसा कुछ डायल करवाते हैं। यह कोड डायल करते ही आपकी सभी कॉल्स स्कैमर के नंबर पर कॉल फॉरवर्ड हो जाती हैं। इससे वे आपके OTP हासिल कर सकते हैं।

अपनी सिम सेटिंग्स चेक करें

अगर आपको शक है कि आपकी कॉल फॉरवर्ड की जा रही है, तो तुरंत इन कोड्स का यूज करें-

स्टेटस चेक करने के लिए: *#67# या *#21# डायल करें। इससे पता चलेगा कि आपकी कॉल कहीं और जा रही है या नहीं।

कॉल फॉरवर्डिंग बंद करने के लिए: ##002# डायल करें। यह आपके फोन से सभी प्रकार की कॉल फॉरवर्डिंग को तुरंत हटा देगा।

2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें

अपने व्हाट्सऐप और बैंक ऐप्स पर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' ऑन रखें। इसमें सिर्फ SMS OTP काफी नहीं होता, बल्कि एक पिन की भी जरूरत होती है।

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