TRAI Report: टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स का संचयी आधार पर सकल राजस्व दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर 1.02 लाख करोड़ रुपये रहा है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। एक साल पहले दूरसंचार सेवा प्रदाताओं का सकल राजस्व 96,390 करोड़ रुपये था। वहीं सितंबर, 2025 को खत्म हुई तिमाही में 99,828 करोड़ रुपये था। समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर 8.13 प्रतिशत बढ़कर 84,270 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 77,934 करोड़ रुपये था। एजीआर दूरसंचार सेवाओं की बिक्री और लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग समेत सरकारी शुल्कों से प्राप्त होता है।
रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया आदि जैसे एक्सेस सेवा प्रदाताओं का दिसंबर तिमाही में कुल एजीआर में 84.54 प्रतिशत का योगदान रहा। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सितंबर, 2025 तिमाही तक प्रकाशित प्रदर्शन संकेतक रिपोर्ट में एजीआर आंकड़ों से पता चलता है कि रिलायंस जियो 31,767.11 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ शीर्ष पर रही। इसके बाद भारती एयरटेल 28,497.45 करोड़ रुपये के एजीआर और वोडाफोन आइडिया 8,176.62 करोड़ रुपये के एजीआर के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।
लाभ में आ चुकी सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल ने अपने एजीआर में सालाना आधार पर 12.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है और यह 2,003.48 करोड़ रुपये रहा। वहीं एमटीएनएल का एजीआर सालाना आधार पर लगभग 75 प्रतिशत घटकर 37.77 करोड़ रुपये रहा। सरकार का लाइसेंस शुल्क संग्रह सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर 6,733 करोड़ रुपये रहा, जबकि स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क 3.19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,020 करोड़ रुपये रहा।
भारत में टेलीफोन ग्राहकों की कुल संख्या सितंबर 2025 के अंत में 1,228.94 मिलियन से बढ़कर दिसंबर 2025 के अंत में 1,306.14 मिलियन हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 6.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। यह पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 9.77 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है। भारत में कुल टेली-डेंसिटी सितंबर 2025 के अंत में 86.65 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 के अंत में 91.74 प्रतिशत हो गई।
इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या सितंबर-25 के अंत में 1017.81 मिलियन से बढ़कर दिसंबर-25 के अंत में 1028.61 मिलियन हो गई, जो 1.06 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि दर दर्शाती है। 1,028.61 मिलियन इंटरनेट ग्राहकों में से, वायर्ड इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 45.32 मिलियन और वायरलेस इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 983.29 मिलियन है।
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