विपक्षी दलों से इस सर्वदलीय बैठक के दौरान अपनी चिंता के मामलों को उठाने और बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को सरकार के सामने रखने की उम्मीद है। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया था कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और 6 अप्रैल तक चलेगा।
G-20 Presidency Of India: भारत ने जी-20 की बैठकों को लेकर तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी हैं। इस दिशा में पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक करके सभी पार्टियों का सहयोग मांगा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी पार्टियों से कहा कि यह भारत के साख का सवाल है। दुनिया के सामने भारत की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए जी-20 सुनहरा अवसर है।
संसद का यह शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होकर 29 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान दोनों सदनों में 17 बैठकें की जाएंगी। इसके साथ ही शीतकालीन सत्र मौजूदा पुराने भवन में ही आयोजित किया जाएगा।
Sri Lanka Crisis :श्रीलंका पिछले सात दशकों में सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जहां विदेशी मुद्रा की कमी के कारण भोजन, ईंधन और दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं के आयात (Import) में बाधा आ रही है।
President Election: राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी नीत NDA की सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान।
बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘‘सर्वदलीय बैठक में 15-20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सभी दलों ने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने पर सरकार तुरंत ध्यान दे।’’
सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सत्र के दौरान पेश होने वाले बिल के बारे में जानकारी दी तो विपक्ष ने सत्र में उठाने वाले मुद्दों की चर्चा की। सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे।
बैठक में केंद्र सरकार विपक्षी दलों के साथ सत्र में होने वाले महत्वपूर्ण कामकाजों और अपने एजेंडे पर चर्चा करेगी। बैठक के दौरान संसद के दोनों सदनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग करने की अपील की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि संसद के दोनों सदनों में सभी राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं को बैठक में आमंत्रित किया गया है। बैठक में मोदी के अलावा, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह के साथ ही संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी भी भाग लेंगे।
जिन दलों के नेता अफगानिस्तान को लेकर स्पष्टता चाहते थे उन्हें सही स्थिति से अवगत कराया गया। जयशंकर ने कहा कि मौजूदा स्थिति पर पूरा देश एकजुट है इसी को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन किया गया था।
अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद भारत सरकार का क्या रुख होगा इसको लेकर गुरुवार को दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान सरकार की तरफ से कुछ संकेत दिए गए हैं। इंडिया टीवी को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार की तरफ से सर्वदलीय बैठक में कहा गया है कि अफगानिस्तान के मामले पर पूरी दुनिया फिलहाल Wait and Watch की नीति पर चल रही है और भारत भी इसी नीति पर आगे बढ़ रहा है।
इंडिया टीवी को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार की तरफ से सर्वदलीय बैठक में कहा गया है कि अफगानिस्तान के मामले पर पूरी दुनिया फिलहाल Wait and Watch की नीति पर चल रही है और भारत भी इसी नीति पर आगे बढ़ रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर अफगानिस्तान के हालात और भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे रेस्क्यू मिशन ऑपरेशन देवी शक्ति के बारे में सभी पार्टियों को जानकारी दी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ट्वीट में लिखा, अफगानिस्तान के घटनाक्रम को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय को राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को ब्रीफ करने का निर्देश दिया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी आगे की जानकारी देंगे।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीटिंग के बाद बताया कि पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष सहित सभी प्रतिनिधियों के सुझाव बहुत मूल्यवान हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर्वदलीय बैठक में शामिल अधिकांश राजनीतिक दलों ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और जल्द से जल्द विधानसभा का चुनाव संपन्न कराने की मांग उठाई।
जम्मू कश्मीर की कांग्रेस पार्टी की इकाई के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर के लोग कम से कम राज्य का दर्जा चाहते हैं और कांग्रेस पार्टी बैठक में इससे कम पर नहीं मानेगी।
नए कश्मीर पर देश की राजधानी दिल्ली में आज बहुत बड़ी बैठक होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर हो रही ये मीटिंग दोपहर तीन बजे होगी।
कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 24 जून को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि किसान नेताओं के साथ बैठक में कृषि मंत्री ने जो सबसे बड़ा प्रस्ताव दिया था वो आज भी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने विपक्ष के नेताओं से कहा कि आपलोगों के जाननेवाले जो किसान नेता हों उनको ये बात बताएं। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि किसानों के लिए सरकार से बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं और वे जब चाहें सरकार से बात कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है। हमें देश के बारे में सोचना चाहिए।
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