वाहन बीमा में टेलीमैटिक्स ‘ड्राइविंग’ से संबंधित आंकड़ों पर नजर रखने, गाड़ी चलाने के तरीके को समझने और प्रीमियम की दरों को तय करने में काम आते हैं।
पीठ ने पीड़ित के टैक्स रिकॉर्ड और पे स्लिप को ध्यान में रखते हुए मृतक की वार्षिक आय 12.3 लाख रुपये तय की और इंश्योरेंस कंपनी को 1.85 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
देश में अधिक सड़क हादसों के चलते कारों को बहुत नुकसान होता है। ऐसे नुकसान से बचने के लिए हमें अपने स्तर पर डैमेज कवर लेना चाहिए, इसे लेते समय इन 8 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
कार चलाने के दौरान नियमों का पालन करने वालों को बोनस का भी प्रावधान
बीमा नियामक इरडा ने मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मालिक-चालित वाहनों के लिए अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना (सीपीए) कवर को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है।
सितंबर की 1 तारीख से आपको नई कार के लिए 3 साल और बाइक के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी बीमा कवर लेना अनिवार्य होगा।
1 सितंबर से आपको नई कार के लिए 3 साल और बाइक के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी बीमा कवर लेना अनिवार्य होगा।
आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपके हाथों, ऊपर वाला न करें लेकिन अगर दुर्घटना हो जाती है तो आपको क्या कदम उठाने चाहिए।
नवंबर की शुरुआत से ही कार और बाइक के इंश्योरेंस महंगे हो गए हैं। बीमा नियामक IRDAI ने बीमा एजेंटों को मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है।
IRDAI ने 28 मार्च को बढ़ाए गए गाड़ियों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में थोड़ी कटौती की है। नई दरें 1 अप्रैल से ही लागू मानी जाएंगी।
भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया है।
मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय कंपनियां आपको एड-ऑन कवर भी ऑफर करती हैं। अगर ये जरूरत के मुताबिक लिए जाएं तो अच्छा है नहीं तो इससे प्रीमियम बढ़ जाता है।
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