महाराष्ट्र में चर्चित पुणे लैंड डील घोटाला मामले में पार्थ पवार को बड़ी राहत मिली है। पुलिस की ओर से की गई प्राथमिक जांच में इस मामले में कहीं भी पार्थ पवार का नाम नहीं आया है।
बहुचर्चित मानेसर लैंड स्कैम मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हाई कोर्ट से बड़ा झटका है। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है।
पूर्व मंत्री और उनकी पत्नी मेनन एक्का को रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने अवैध जमीन खरीद मामले में 7 साल की सजा सुनाई है। यह मामला सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़ा है, जिसमें आदिवासी जमीनों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए गए हैं।
असम सरकार ने अंतर-धार्मिक जमीन सौदों के लिए नई SOP लागू की है। अब हिंदू-मुस्लिम या किसी अन्य धर्म के बीच जमीन की खरीद-बिक्री से पहले सुरक्षा, सामाजिक प्रभाव, और फंडिंग की जांच होगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए बनाई गई है।
झज्जर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 25 साल पहले मृत एक व्यक्ति को जिंदा दिखाकर उसकी संपत्ति की रजिस्ट्री कर दी गई। यह पूरी घटना 190 गज के एक प्लॉट से जुड़ी है, जो फ्रेंड्स कॉलोनी के गली नंबर-5 में स्थित है।
भूमि सौदों में छह प्रमुख भारतीय शहरों दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे का दबदबा रहा। इस वर्ष भूमि सौदों में उल्लेखनीय वृद्धि भारत की रियल एस्टेट क्षमता में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है।
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने राजस्व विभाग द्वारा भूमि जब्त करने की कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद अपील भी की थी लेकिन उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेल से रिहा होने के बाद जेएमएम कार्यकर्ताओं में जोश देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने रांची की सड़कों पर सोरेन के समर्थन में पोस्टर लगाए हैं।
यूक्रेन में शांति को लेकर स्विट्जरलैंड में चल रहे सम्मेलन से पहले पुतिन ने एक और बयान दिया है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि यूक्रेन मॉस्को के लिए अपनी और अधिक जमीन छोड़ने को तैयार हो और वह नाटो में शामिल होने की जिद छोड़ दे तो युद्ध खत्म हो सकता है।
लैंड फॉर जॉब स्कैम केस की जांच कर रही ED ने लालू परिवार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहले आरजेडी की सरकार का गिरना और अब लालू परिवार पर एक्शन को लेकर लालू की बेटी मीसा भारती ने बीजेपी पर कड़ा हमला बोला है तो बीजेपी ने करप्शन के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की बात कही है।
लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू परिवार के 5 लोग आरोपी हैं। कल लालू यादव से पूछताछ हुई तो आज तेजस्वी यादव को बुलाया गया है। इसके बाद परिवार के बाकी सदस्यों का भी नंबर आने वाला है। घोटाले में लालू यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटा तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव आरोपी हैं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को ईडी ने शुक्रवार को लैंड फॉर जॉब मामले में नया समन दिया है। ईडी के अधिकारी पटना में राबड़ी आवास पर जाकर ये समन दिया और उसके बाद लौट गए।
उत्तराखंड में भू-कानून समिति की आख्या प्रस्तुत किये जाने तक या अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी राज्य से बाहर के व्यक्तियों को कृषि एवं उद्यान के उद्देश्य से जमीन खरीदने की इजाजत नहीं दे सकेंगे।
सेना की जमीन के घोटाले में आईएएस छवि रंजन गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ईडी जल्द ही उन्हें जेल भेज देगी। आइए जानते हैं कि कौन हैं IAS छवि रंजन?
Land For Job Scam: लालू (Lalu Yadav) एंड फैमिली पर ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) का शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है.. ED के सामने लालू की बेटी मीसा भारती (Misa Bharti) की पेशी हो रही है.. मीसा भारती ED दफ्तर पहुंच गई हैं.
Ayodhya Illegal Land Deal: अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में अवैध रूप से जमीन बेचने और उन पर निर्माण कराने वाले 40 लोगों की लिस्ट जारी की है। इनमें अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी शामिल हैं।
प्रियंका गांधी ने अयोध्या जमीन घोटाला मामले की सुप्रीम कोर्ट से जांच कराने की मांग की और कहा कि जिला स्तर के अधिकारी जांच में सक्षम नहीं हैं। बता दें कि अयोध्या जमीन के सौदे में कई मंत्रियों के रिश्तेदारों के नाम सामने आए थे।
समाजवादी पार्टी (सपा) और आम आदमी पार्टी (आप) सहित कई दलों के विपक्षी नेताओं ने इस सप्ताह की शुरुआत में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर अयोध्या में राम मंदिर के लिए जमीन की खरीद में अनियमितता का आरोप लगाया था।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस सौदे की CBI और ED से जांच कराने की मांग की, जबकि समाजवादी पार्टी के विधायक पवन पांडेय ने इसे एक बड़ा घोटाला बताया।
समाजवादी पार्टी (सपा) और आम आदमी पार्टी (आप) का दावा है कि लेनदेन इस साल मार्च में हुआ था। आरोप के मुताबिक इसमें दो रियल एस्टेट डीलरों ने कथित तौर पर एक व्यक्ति से 2 करोड़ रुपये में संपत्ति खरीदी और कुछ मिनट बाद ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेच दिया। मंदिर निकाय ने इस आरोप को तुच्छ बताकर खारिज कर दिया है।
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