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घड़े से पानी पीने पर दलित मजदूर की बेरहमी से पिटाई, 12 दिन तक अस्पताल में रहा भर्ती; आरोपी बोला- "उसने बर्तन को अपवित्र किया"

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jul 07, 2026 01:48 pm IST,  Updated : Jul 07, 2026 01:50 pm IST

दलित मजदूर की पिटाई की गई और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। यह घटना तब हुई जब उसने एक प्राइवेट क्लिनिक के बाहर रखे बर्तन से पानी पिया।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PEXELS.COM

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से छुआछूत की एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निजी क्लिनिक के बाहर रखे बर्तन से पानी पीने पर एक दलित मजदूर को न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोपी का दावा था कि दलित के छूने से पानी का घड़ा "अपवित्र" हो गया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

दवा खाने के लिए मांगा था पानी

यह घटना 23 जून की है। पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, भोला गौतम नाम का एक दलित मजदूर अपने साथी मजदूर ओम प्रकाश विश्वकर्मा के साथ पेंटिंग का काम खत्म करके घर लौट रहा था। इसी दौरान भोला के सिर में तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद वह दवा लेने के लिए रास्ते में स्थित एक निजी क्लिनिक पर रुका।

जब भोला ने दवा खाने के लिए पानी मांगा, तो उसे क्लिनिक के बाहर रखे एक घड़े से खुद पानी लेकर पीने के लिए कहा गया। शिकायत के मुताबिक, भोला जैसे ही घड़े से पानी पीने लगा, पास में ही दुकान चलाने वाले सुभाष बिंद नाम के व्यक्ति ने उसे देख लिया। आरोपी ने तुरंत भोला को जातिसूचक गालियां देना शुरू कर दिया और चिल्लाते हुए पूछा कि एक "नीची जाति" का व्यक्ति इस बर्तन का इस्तेमाल कैसे कर सकता है।

बात सिर्फ गाली-गलौज तक ही सीमित नहीं रही। आरोपी सुभाष बिंद ने लाठी उठाकर भोला पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी का कहना था कि दलित के पानी पीने से वह पूरा बर्तन और पानी अपवित्र हो गया है। मारपीट के दौरान आरोपी ने भोला को जान से मारने की धमकी भी दी।

12 दिनों तक अस्पताल में चला इलाज

अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित भोला गौतम को उसके साथी मजदूर और आस-पास के राहगीरों ने किसी तरह आरोपी के चंगुल से बचाया। इस जानलेवा हमले में भोला के सिर, पेट, पीठ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे वाराणसी के एक बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी में भोला को करीब 12 दिनों तक इलाज के लिए भर्ती रहना पड़ा।

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, पीड़ित भोला गौतम ने 5 जुलाई को भदोही पुलिस से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। पीड़ित के बयान के आधार पर सोमवार देर रात पुलिस ने संबंधित धाराओं और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुभाष बिंद समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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