उत्तर प्रदेश: बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने एक बयान में कहा है कि पहलगाम में हुए घटना के बाद आतंकवादियों को सबक सिखाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने हमारे सेना के साहस और वीरता को देखा है। सांसद ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि अब पाकिस्तान से आतंकी भारत में आना बंद कर देंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई आतंकवादी हमला होता है, तो उसे युद्ध के समान माना जाएगा।
22 अप्रैल को हुआ था पहलगाम हमला
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को बड़ा आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इसके 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान पर 6-7 की दरम्यानी रात एयरस्ट्राइक की। भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के 9 ठिकानों तबाह कर दिया, जिसमें करीब 100 आतंकवादी मार गिराए गए। भारत ने इस एयरस्ट्राइक को पहलगाम आतंकी हमले के बाद का एक्शन बताया। भारत ने यह कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत की।
भारत पर हमले की पाकिस्तान की कोशिश नाकाम
इस एयरस्ट्राइक को पाकिस्तान ने अपने देश पर हमला बताया और फिर सीमा पर गोलीबारी शुरू कर दी। भारत पर हमले करने के लिए पाकिस्तान लगातार चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल से अटैक की कोशिश करता रहा, लेकिन नाकाम रहा। इसके बाद भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को सीमा पार ड्रोन और मिसाइल हमलों के चार दिनों के बाद जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल रोकने पर सहमति जताई। अचानक सीजफायर की घोषणा की गई।
सीजफायर के बाद पाक ने की नापाक हरकत
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सीजफायर की औपचारिक घोषणा की। हालांकि, इस घोषणा के कुछ घंटों बाद ही 10 मई की रात जम्मू-कश्मीर में ड्रोन अटैक हुआ। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें नीचे गिराने के लिए वायु रक्षा प्रणालियों को एक्टिव करना पड़ा। रात 11 बजे जल्दबाजी में बुलाई गई प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ किया कि पाकिस्तान ने शाम को सीजफायर का उल्लंघन किया और सशस्त्र बलों ने करारा जवाब दिया। इसके बाद 11 मई की रात पाकिस्तान की ओर से कोई हरकत नहीं देखी गई।
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