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युवती को मृत समझकर अस्पताल में छोड़ गए परिजन, डॉक्टरों ने 98 दिन तक इलाज किया, सारे खर्च उठाए, ठीक कर घर भेजा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : May 09, 2026 04:30 pm IST,  Updated : May 09, 2026 04:30 pm IST

परिजनों का कहना है कि युवती ने जहर खाया था। ऐसे में उन्हें पुलिस केस होने का डर था। इसी वजह से वह उसे छोड़कर भाग गए थे। अब युवती पूरी तरह ठीक हो चुकी है और घर लौट गई है।

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लड़की ठीक होकर घर लौट गई है Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एम्स में डॉक्टरों ने एक युवती का 98 दिन तक इलाज किया। इस दौरान उसका पूरा ख्याल रखा और खर्च भी उठाया। जब लड़की पूरी तरह से ठीक हो गई तो उसे वापस घर भेज दिया। लड़की के परिजन उसे मृत समझकर अस्पताल में ही छोड़कर भाग गए थे। गोरखपुर एम्स के डाक्टरों ने युवती को बचाने के लिए सारे खर्च उठाए। इस बीच युवती को तीन बार दिल का दौरा पड़ा और 48 दिन तक युवती वेंटीलेटर पर रही।

गोरखपुर एम्स के अर्थो विभाग के डॉक्टर अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि कुशीनगर जिले की रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती ने कीटनाशक पदार्थ (फॉस्फोरस) खा लिया था। परिवार 19 जनवरी को गोरखपुर एम्स में लेकर आया। पूछने पर पता चला कि जहरीला पदार्थ खाया है। वे पहले स्थानीय डॉक्टरों के पास लेकर पहुंचे फिर वहां से उन्हें एम्स में भेजा गया। यहां एडमिट करने के बाद इलाज शुरू हुआ। एक हफ्ते बाद हालत खराब हुई तो उसे आईसीयू में एडमिट किया गया। परिवार वाले मरीज को मृत समझ कर छोड़ कर उसी समय भाग गये थे।

डॉक्टरों ने नहीं मानी हार

एम्स प्रशासन ने और एम्स के डॉक्टरों ने हार नहीं मानी। युवती को ट्रॉमा सेंटर के मेडिकल आईसीयू में भर्ती करने के बाद इलाज शुरू किया। यहां चेस्ट फिजिशियन डॉ. अरविंद कुमार और एनेस्थीसिया के डॉक्टर सुहास मल्ल की निगरानी में करीब 48 दिन तक वह वेंटिलेटर पर रही। तीन बार इसी बीच उसे  दिल का दौरा पड़ा, लेकिन हर बार उसे सीपीआर देकर जान बचाया गया। साथ ही एम्स के डॉ. सुब्रमणियम, डॉ. अनिल मीना, डॉ. शशि सिंह, डॉ. श्रीशा ,के साथ डॉ.अरुण कुमार पांडेय युवती को बचाने में लगे रहे।

98 दिन बाद पूरी तरह ठीक हुई युवती

डॉक्टर अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने 98 दिन की जद्दोजहद के बाद युवती को बचा लिया। 26 अप्रैल को परिजनों के साथ युवती चलकर गई। उन्होंने बताया कि जब इस बारे में परिवार से पूछा गया कि वे क्यों भागे थे तो उन्होंने बताया कि वे डर गए थे उन्हें लगा कि युवती की मौत हो गई है और कहीं पुलिस केस न हो जाए। इसी वजह से वे भागे थे पर अब वे बिल्कुल स्वस्थ्य है।

सभी डॉक्टरों ने की मदद

डॉक्टर अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि खास बात यह थी कि उसके सारे खर्चे एम्स प्रशासन ने उठाए और एम्स प्रशासन के साथ-साथ सभी डॉक्टरों का काफी सहयोग रहा है। यही वजह है कि 98 दिन बाद जिंदा अपने परिवार में युवती वापस पहुंची.

(गोरखपुर से राज श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

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