कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत कानपुर में बुधवार को एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। नौबस्ता स्थित परितोष इंटर कॉलेज की मेधावी छात्रा श्रद्धा दीक्षित को एक दिन के लिए जिलाधिकारी (DM) की जिम्मेदारी सौंपी गई। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपने कार्यालय में श्रद्धा को यह विशिष्ट अवसर प्रदान किया। श्रद्धा ने न केवल DM की प्रतिष्ठित कुर्सी संभाली, बल्कि एक अधिकारी के तौर पर अपने दिन की शुरुआत करते हुए जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को भी सुना। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश भी दिए।
इस दौरान श्रद्धा ने कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए, जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाना, उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।
नेतृत्व विकास है मुख्य उद्देश्य
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस मौके पर कहा, "मिशन शक्ति का मुख्य लक्ष्य बेटियों को आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना से लैस करना है। श्रद्धा जैसी प्रतिभाशाली छात्राओं को इस तरह का अवसर देकर हम उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना चाहते हैं। यह पहल न केवल उनकी क्षमताओं को निखारेगी, बल्कि अन्य छात्राओं को भी प्रेरित करेगी कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ें।"
"DM की कुर्सी पर बैठकर सपना हुआ मजबूत"
श्रद्धा दीक्षित ने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे यादगार और प्रेरणादायक पल बताया। डीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है। आज मुझे यह समझने का मौका मिला कि प्रशासन कैसे काम करता है और जनता की समस्याओं का समाधान कैसे किया जाता है। इस अनुभव ने मुझे सिविल सेवा में जाने और समाज की सेवा करने के मेरे सपने को और मजबूत किया है।" श्रद्धा ने इस अवसर के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और मिशन शक्ति अभियान के तहत इस पहल को शुरू करने वाली सरकार का आभार व्यक्त किया।
आत्मविश्वास और कार्यशैली की हुई सराहना
इस कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी श्रद्धा के आत्मविश्वास और कार्य करने की शैली की सराहना की। उन्होंने जनता दर्शन में जिस गंभीरता और सहजता के साथ फरियादियों की समस्याएं सुनीं, उससे सभी प्रभावित हुए। श्रद्धा ने न केवल समस्याओं को समझा, बल्कि अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनमें नेतृत्व की अपार संभावनाएं हैं।
यह पहल न केवल श्रद्धा के लिए, बल्कि शहर की अन्य छात्राओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन गई है। मिशन शक्ति के तहत इस तरह के आयोजन बेटियों को यह संदेश देते हैं कि वे किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। इस अवसर पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने अन्य स्कूलों और कॉलेजों से भी ऐसी प्रतिभाशाली छात्राओं को आगे लाने की अपील की, ताकि उन्हें भी इस तरह के मंच प्रदान किए जा सकें।
(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)
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