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खीरी में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार, 1494 सिम कार्ड भी बरामद

 Published : May 17, 2026 10:46 pm IST,  Updated : May 17, 2026 11:03 pm IST

गिरफ्तार लोगों से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि आरोपी आयुष्मान कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों से उनके जरूरी दस्तावेज हासिल करते थे।

पुलिस ने साइबर ठगी का किया भंडाफोड़- India TV Hindi
पुलिस ने साइबर ठगी का किया भंडाफोड़ Image Source : REPORTER INPUT

खीरी साइबर क्राइम पुलिस ने अंतर-जिला साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,494 सिम कार्ड, 27 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 26 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड समेत बड़ी मात्रा में डिजिटल धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।

यह कार्रवाई एसएसपी खीरी ख्याति गर्ग के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में 15 मई 2026 को खमरिया क्षेत्र में की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरोह एक घर से संचालित हो रहा था और संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।

पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड भी बरामद

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नकली और बेनामी बैंक खातों, सिम कार्ड, मोबाइल फोन, डिजिटल वॉलेट और सट्टेबाजी/गेमिंग एप्लिकेशन के जरिए साइबर फ्रॉड का नेटवर्क चला रहे थे। मौके से पुलिस ने पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, एक फिंगरप्रिंट रीडर डिवाइस, 61 हजार रुपये नकद और अपराध में इस्तेमाल की गई होंडा अमेज कार भी बरामद की है।

ऐसे काम करता था गिरोह

पुलिस के अनुसार, गिरोह सीधे तकनीकी हैकिंग के बजाय गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को निशाना बनाता था। आरोपी आयुष्मान कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों से उनके जरूरी दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक खाते, ऑनलाइन वॉलेट और सिम कार्ड जारी कराए जाते थे। खाते, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज गिरोह के नियंत्रण में रहते थे। बाद में इन्हें ‘बिग विनर ऐप’ समेत अन्य सट्टेबाजी एप्लिकेशन से जोड़कर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि जिन ग्रामीणों के नाम पर खाते और सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे, उन्हें अक्सर इस आपराधिक गतिविधि की जानकारी तक नहीं होती थी। पुलिस शिकायत होने पर शुरुआती जांच खाताधारकों और सिम धारकों तक पहुंचती थी, जबकि असली संचालक पर्दे के पीछे छिपे रहते थे।

बड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क उजागर

पुलिस का कहना है कि यह कोई साधारण ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित साइबर फ्रॉड इकोसिस्टम का हिस्सा है। बड़ी संख्या में सिम कार्ड, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और फिंगरप्रिंट डिवाइस की बरामदगी से साफ है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल एक्सप्लॉइटेशन, पहचान के दुरुपयोग, म्यूल अकाउंट, डिजिटल वॉलेट, सिम नेटवर्क और बेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर साइबर अपराध से अर्जित धन को छिपाने और जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश करते थे।

लखीमपुर खीरी पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

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