1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. नोएडा: DM मेधा रूपम का सख्त निर्देश, उपद्रव पर आउटसोर्सिंग एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट, न्यूनतम वेतन में लापरवाही पर गिरेगी गाज

नोएडा: DM मेधा रूपम का सख्त निर्देश, उपद्रव पर आउटसोर्सिंग एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट, न्यूनतम वेतन में लापरवाही पर गिरेगी गाज

 Published : Apr 15, 2026 08:24 am IST,  Updated : Apr 15, 2026 08:47 am IST

औद्योगिक शांति बनाए रखने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए जिलाधिकारी ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों (Contractors) के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है।

मेधा रूपम, जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर (नोएडा)- India TV Hindi
मेधा रूपम, जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) Image Source : REPORTER INPUT

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं को प्रशासन ने सख्ती से लिया है। जिले में औद्योगिक शांति बनाए रखने और शासन की गाइडलाइंस का पालन पूरी तरह से सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों और कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी या कॉन्ट्रैक्टर्स  इंडस्ट्री को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में  महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन सभी की जिम्मेदारी है कि वे अपने श्रमिकों के हितों का भी ख्याल रखें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।

उपद्रव होने पर संबंधित एजेंसियां भी जिम्मेदार

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसके कर्मचारी के द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की भी मानी जाएगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करते हुए उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी कॉन्ट्रैक्टर्स को शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। 

नोएडा में श्रमिकों की न्यूनतम सैलरी बढ़ी

जिलाधिकारी ने न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये प्रतिमाह वेतन तय किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां यह सुनिश्चित करें कि श्रमिकों को पूरा वेतन सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाए। किसी भी प्रकार का शोषण या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

DM meeting
Image Source : REPORTER INPUTजिलाथिकारी मेधा रूपम की औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों और कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ बैठक

उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक एक-दूसरे के पूरक

जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।

अफवाहों पर ध्यान नहीं दें-डीएम

उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा। 

सीएम के निर्देश पर हाईपावर्ड कमिटी का गठन

उन्होंने एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद दिया और कहा कि सीएम के निर्देश पर हाईपावर्ड कमिटी का गठन किया गया और श्रमिकों की मुख्य मांग को मानते हुए वेतन बढ़ाया गया है। उन्होंने सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की साथ ही उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन की चेतावनी भी दी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के कॉन्ट्रैक्टर्स भी मौजूद रहे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।