यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार साकिब, अरबाब, लोकेश और विकाश चारों संदिग्ध आतंकियों से पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों को उनके विदेशी हैंडलर्स ने ट्रेनों को निशाना बनाने की साजिश सौंपी थी। उन्हें निर्देश दिया गया था कि रेलवे सिग्नल में आग लगाकर ट्रेनों की टक्कर कराई जाए, ताकि बड़ा हादसा हो सके। इसके अलावा, आरोपियों को रेलवे ट्रैक पर ज्वलनशील सिलेंडर फेंकने का भी टास्क दिया गया था।
हमले से पहले ही कर लिया गया गिरफ्तार
जांच में यह भी सामने आया कि हैंडलर्स आरोपियों को गाड़ियों और शोरूम में आग लगाने के लिए पैसे देते थे। वारदात का वीडियो बनाकर भेजने को कहते थे। जितनी बड़ी आगजनी की घटना होती, उतनी अधिक रकम देने का लालच दिया जाता था। सूत्रों के अनुसार, आरोपी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन आने की तैयारी में थे, जहां बड़ी वारदात की साजिश थी। लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर जोड़ा गया
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी साकिब टेलीग्राम पर एक दर्जन से अधिक ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ रहा था। इन ग्रुपों में देश विरोधी और भड़काऊ वीडियो व पोस्ट साझा किए जाते थे, जिनसे कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े लोग लगातार जुड़ रहे थे।
संदिग्ध चैट भी मिली
जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट और वीडियो मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, दुबई में बैठे आकिब ने साकिब का संपर्क विदेशी हैंडलर्स से कराया था और उसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई शहरों के साथ-साथ दिल्ली और मुंबई तक फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
पहलगाम आतंकी हमले और दिल्ली ब्लास्ट के वीडियो मिले
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पंजाब के असलहा तस्करों के संपर्क में थे और हथियार खरीदने की तैयारी कर रहे थे। पूछताछ में यह भी संकेत मिला कि कुछ आरोपी फायरिंग की प्रैक्टिस भी कर रहे थे। एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से पहलगाम आतंकी हमले और दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
50 से अधिक युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा
एटीएस ने मुरादाबाद से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी हारिस से करीब छह घंटे तक पूछताछ की, जिसमें 20 से अधिक सवाल किए गए। पूछताछ में सामने आया कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए नाबालिगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। 50 से अधिक युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़ चुका था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल कम समय में ज्यादा घटनाओं को अंजाम देने की योजना पर काम कर रहा था।
आतंकी हारिस से पूछताछ
एटीएस ने मुरादाबाद से गिरफ्तार आईएस आतंकी हारिस से 6 घंटे की पूछताछ की। पूछताछ में हारिस कई सवाल पर खामोश रहा तो कुछ सवालों के जवाब दिए। पूछताछ में करीब 20 से ज्यादा सवाल हारिस से पूछे गए।
सवाल नंबर 1--- तुम ISI के संपर्क में कैसे आये??
जवाब--- मैं नीट की तैयारी कर रहा था तभी मेरा संपर्क काज़ी भाई से हुआ और उन्होंने मुझे अपने साथ इस नेक काम के लिए जोड़ा।उन्होंने खुद मुझे ढूंढा।
सवाल नंबर 2 --- काजी भाई कौन है?
जवाब--- मैं उनके बारे में नही जानता लेकिन वो ISI के बड़े रहनुमा है और शायद राजस्थान में रहते थे।
सवाल नंबर 3--- तुमसे क्या काम करवाना चाहता था ISI ?
जवाब ---कुछ देर चुप रहने के बाद बोला हारिस...मुझे नए लड़ाकों की फौज तैयार करनी थी, जंग-ए-जिहाद ही मकसद था।
सवाल नंबर 4---क्या तुमने इसके लिए साथी जोड़ने शुरू कर दिए थे ?
जवाब---हारिस चुप रहा...दुबारा पूछने पर बोला कि हां मैं अपने भाई के हुक्म पर 50 से ज्यादा लड़ाकों को ढूंढ लिया था बस उन्हें अपने मिशन का मकसद समझाना था ताकि वो भी इससे जुड़ सकें।
सवाल नंबर 5 ---क्या था तुम्हारा मिशन?
जवाब---जिस तरह से हालात हैं, उसमें केवल एक ही रास्ता है शरिया कानून
सवाल नंबर 6 ---क्या तुम्हें इसके लिए फंडिंग होती थी ?
जवाब---हारिस ने न में सर हिलाया ...जिसपर जांच अधिकारियों ने कहा कि झूठ मत बोलो हमे पता है कि तुम्हे फंडिंग हुई उसके सबूत है हमारे पास..हारिस फिर बोला हा वही से मेरे अलग अलग खाते खुलवाए गए थे और मिशन के लिए पैसा आता था।
सवाल नंबर 7 ---नाबालिग लड़को को ही क्यों टारगेट करते थे?
जवाब ---18 साल से कम उम्र के लड़के आराम से हमारे मिशन के लिए तैयार हो जाएंगे ये आदेश मुझे मिला था क्योकि वो नाबालिग होते है और उनकी सोच आक्रमक होती है उन्हें समझाना आसान होता है और उनपर कानूनी कार्यवाही बहुत ज्यादा नहीं हो सकती।
सवाल नंबर 8 ---तुमने कौन सा ग्रुप बनाया था और कैसे संपर्क करते थे अपने साथियों से ?
जवाब---इंस्टाग्राम और इनक्रिप्टेड एप्स जैसे सेशन और डिस्कार्ड पर फर्जी अकाउंट बनाए थे उसी से बातचीत होती थी।इसके लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यूज करता था।
सवाल नंबर 9---प्रोपेगेंडा ग्रुप अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन का क्या काम था ?
जवाब-- आईएसआईएस मीडिया चैनलों, मैगज़ीन, मारे गए शहीदों (आतंकियों) , वीडियो, ऑडियो और उनकी स्पीच इस ग्रुप में आती थी।
सवाल नंबर 10---तुम रविवार को ही क्यो एक्टिव होते थे ?
जवाब--मुझे ये हुक्म दिया गया था कि काफिरों (जांच एजेंसी) की नज़र से बचने के लिए रोज़ सामान्य तरीके से रहना है। रविवार को जब छुट्टी का दिन हो तो उस दिन अपने मकसद के लिए काम करना है। इससे नज़र में आने से बचे रहोगे।
यूपी एटीएस की पूछताछ में गिरफ्तार हुए संदिग्ध आतंकियों ने कई अहम खुलासे हुए हैं।
आतंकी शाकिब से पूछताछ
सवाल नंबर 1 ---तुम रेकी कैसे करते थे?
जवाब --- पेम्पलेट चस्पा करने के बहाने जगह और वाहनों की रेकी करते थे ताकि किसी को शक न हो।
सवाल नंबर 2 ---तुमको कौन आर्डर देता था ?
जवाब--- पहले आकिब ने हमको जोड़ा था फिर अबु बकर भाई जान के संपर्क में आ गए थे।
सवाल नंबर 3 -- तुम और कौन कौन से नंबरों से जुड़े हुए थे?
जवाब--- पाकिस्तानी नंबर के अलावा अफगानिस्तान के कई नंबरों से जुड़ गया था मैं।
सवाल नम्बर 4 --- क्यों जुड़े थे तुम इन नंबरों से?
जवाब--- पाकिस्तानी हैंडलर के टेलीग्राम इंस्टाग्राम के जरिए ओसामा बिन लादेन, फतुल्लाह गोरी, कश्मीर मुजाहिदीन, गजवा-ए-हिंद से जुड़कर शो रूम और वाहनों को जलाकर दहशत फैलाने की जिम्मेदारी ली थी मैंने।
सवाल नंबर 5 --- तुमने क्या इन वारदातों को प्लान कर लिया था?
जवाब--- हां, पिकअप और बाइक में आग लगाकर बड़े धमाके का रिहर्सल किया था और भी कई जगह तय कर ली थी।
आतंकी लोकेश से जांच एजेंसियों के सवाल
सवाल नंबर 1 --- तुम शाकिब के संपर्क में कैसे आये?
जवाब-- मुझे पैसे की जरूरत थी तो डेविल(शाकिब) ने मेरी मदद की। उसी ने बताया कि मेरे साथ जुड़ोगे तो पैसों की दिक्कत कभी नही होगी। उसने मुझे पैसे भी दिए।
सवाल नंबर 2 --- तुमसे क्या काम करवाया शाकिब ने ?
जवाब---मेरा काम केवल जगहों की रेकी करना और उसका वीडियो भेजना होता था इसके लिए मूझे पैसे मिल जाते थे।गूगल लोकेशन भी शाकिब ही भेजता था।
सवाल नंबर 3---तुमने अपने दोस्त विकास उर्फ रौनक को क्यो जोड़ा?
जवाब---काम बढ़ गया था और इसके लिए अबु बकर ने और लोगो को जोड़ने के लिए कहा था इसीलिए मैंने विकास को जोड़ा और वो भी पैसों के लिए हमसे जुड़ गया।
विकास उर्फ रौनक से जांच एजेंसियों के सवाल
सवाल नंबर 1--तुमलोग क्या करना चाहते थे ?क्या प्लानिंग थी ?
जवाब--विकास ने झूठ बोलते हुए कहा, मुझे फंसाया गया है।मुझे लोकेश ने बताया था कि एक कंपनी के टावर के लिए लोकेशन भेजनी है।
सवाल नंबर 2--- झूठ न बोलो तुम्हारे कॉल रिकार्ड्स और चैट सब हमारे पास है।
जवाब---इसपर विकास चुप हो गया।
सवाल नंबर 3---अब बताओ क्या प्लान था तुम्हारा।
जवाब---मिशन को अधूरा नही छोड़ना है, ये आदेश आया था आकिब का। उसने कहा था कि जगह-जगह आग लगानी है ताकि दहशत का माहौल फैल जाए।
सवाल नंबर 4---अबु बकर को जानते थे तुम?
जवाब-- हां दो तीन बार बातचीत हुई है लेकिन शाकिब के माध्यम से हुई है।
आतंकी अरबाब से सवाल
सवाल नंबर 1 ---तुम्हे क्या टास्क दिया था शाकिब ने?
जवाब--- शाकिब भाई ने मुझे 25 लड़कों को साथ जोड़कर उन्हें ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
सवाल नंबर 2---लखनऊ क्यो पहुंचे थे तुमलोग?
जवाब-- हमें एक बड़ी रेल दुर्घटना करनी थी इसके लिए रेल बॉक्स की पूरी जानकारी लेनी थी। इसीलिए सभी लोग एक साथ लखनऊ पहुंचे थे क्योकि काम बहुत खतरनाक था।
सवाल नंबर 3--- इससे पहले क्या क्या प्लान किया था तुमने?
जवाब--- एनसीआर में 12 जगहों पर गाड़ियों के शोरूम में आग लगानी थी। ये जिम्मा मेरा था। इसके लिए मोटी रकम भी मिलती