अयोध्या आज एक बार फिर से सज गई। अयोध्या में स्थित राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ध्वजा फहराया। इससे पहले दोनों ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन भी किए। आइये अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी हर अपडेट के बारे में जानते हैं।
अयोध्या आज एक बार फिर से सज गई। अयोध्या में स्थित राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ध्वजा फहराया। इससे पहले दोनों ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन भी किए। आइये अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी हर अपडेट के बारे में जानते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, "ये पल कंधे से कंधा मिलाने का है, ये पल गति बढ़ाने का है। हमें वो भारत बनाना है, जो राम राज्य से प्रभावित होगा। ये तभी संभव है जब राष्ट्रहित सर्वोपरि हो।"
पीएम मोदी ने कहा, "हम सब जानते हैं कि हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, उसकी भक्ति महत्वपूर्ण है। उन्हें वंश नहीं, मूल्य प्रिय है। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी उसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। और सबके प्रयास से ही 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब तक हमें विकसित भारत का निर्माण करना ही होगा।"
पीएम मोदी ने कहा, "अयोध्या को संवारने का काम जारी है। भविष्य की अयोध्या में पौराणिकता और नूतनता का संगम होगा। सरयू और विकास की धारा एक साथ बहेगी। अयोध्यावासियों को सुविधाएं मिलें, इसके लिए निरंतर काम चल रहा है। जबसे प्राण प्रतिष्ठा हुई है। तबसे आज तक 45 करोड़ श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं। इससे अयोध्या और आसपास के लोगों की आय में वृद्धि हुई है।"
पीएम मोदी ने कहा, "भगवान राम अपने आप में एक वैल्यू सिस्टम हैं। भारत के हर घर में और हर भारतीय में राम हैं। गुलामी की मानसिकता इतनी हावी हो गई कि प्रभु राम को भी काल्पनिक घोषित किया जाने लगा। अगर हम ठान लें तो मानसिक गुलामी से मुक्ति पा लेंगे। तब 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा होने से कोई रोक नहीं पाएगा।"
पीएम मोदी ने कहा, "भारत लोकतंत्र की जननी है। हमें गुलामी की मानसिकता से निकलना होगा।"
पीएम मोदी ने कहा, "ये धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा कि प्राण जाए, पर वचन न जाए अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए। ये धर्मध्वज संदेश देगा - कर्मप्रधान विश्व रचि राखा अर्थात विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो। ये धर्मध्वज कामना करेगा - बैर न बिग्रह आस न त्रासा, सुखमय ताहि सदा सब आसा यानी भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति एवं सुख हो।"
पीएम मोदी ने कहा, "आज भगवान श्रीराम के गृभगृह की अनंत ऊर्जा, श्रीराम परिवार का दिव्य प्रताप, इस धर्मध्वजा के रूप में इस दिव्यतम, भव्यतम मंदिर में प्रतिष्ठापित हुआ है। ये धर्मध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, इसपर रचित सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ॐ शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। ये ध्वज...संकल्प है, सफलता है! ये ध्वज...संघर्ष से सृजन की गाथा है, सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार स्वरूप है। ये ध्वज...संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है।"
पीएम मोदी ने कहा, विकसित भारत बनाने के लिए भी समाज की इसी सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। यहां सप्तमंदिर बने हैं। यहां माता सबरी का मंदिर बना है जो जनजातिया समाज के प्रेम भाव की मूर्ति है। यहां निषादराज का मंदिर है, जो उस मित्रता का प्रतीक है जो उसकी भावना को पूजता है।" पीएम मोदी ने कहा, "यहां जटायु और गिलहरी जी की मूर्तियां भी हैं जो बड़े संकल्प के लिए छोटे प्रयास को भी दिखाती हैं। हर देशवासी अगर राम मंदिर आएं तो सप्तऋषियों के भी दर्शन करें।"
पीएम मोदी ने कहा, "मैं संपूर्ण विश्व के करोड़ों रामभक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आज उन सभी भक्तों को प्रणाम करता हूं, जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए अपना सहयोग दिया। राम मंदिर के निर्माण से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं। अयोध्य वह भूमि है जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है जहां श्रीराम ने अपना जीवन शुरू किया। इसी अयोध्या ने बताया कि कैसे एक व्यक्ति समाज की शक्ति और उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज अयोध्या नगरी सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष बिंदु की साक्षी बन रही है। संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। रामभक्त के मन में अद्वितीय संतोष है। सदियों के घाव भर रहे हैं, सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है जिसकी अग्नि 500 साल प्रज्जवलित रही।
सीएम योगी ने कहा, "भगवान राम का यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्म गौरव का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक है। पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य बदले और पीढ़ियां बदली परंतु आस्था हमेशा अडिग रही। जब RSS जैसे संगठन के हाथों में कमान आई तो एक ही उद्घोष हुआ कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वही बनाएंगे। लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वही बनाएंगे। यहां हर दिन एक पर्व है और हर दिशा में राम राज्य की अनुभूति हो रही है।"
मोहन भागवत ने कहा, "इस धर्मध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। ये वृक्ष उस रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है, जो सबको छाया देते हैं और खुद धूप में रहते हैं।"
मोहन भागवत ने कहा, "आज का दिन हर सभी के लिए सार्थकता का दिन है। जिन लोगों ने इस काम के लिए प्राण दिए, उनकी आत्मा आज तृप्त हुई होगी।" उन्होंने कहा, "राम राज्य का ध्वज कभी अयोध्या में फहरा करता था, वो ध्वज आज हमने अपनी आंखों से देखा है।"
राम मंदिर पर ध्वाजारोहण कर दिया गया है। इस ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद सीएम योगी वहां मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने अयोध्या को नई अयोध्या कहकर संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह सभी देशवासियों के लिए गर्व का पल है।
पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर पर ध्वजारोहण किया। दोनों ने रिमोट का बटन दबाकर ध्वजारोहण किया। इस दौरान जय श्री राम और वैदिक नारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस वक्त राम मंदिर में रामलला के दर्शन कर रहे हैं। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार भी किए जा रहे हैं। दर्शन के बाद ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया जाएगा।
पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस वक्त राम मंदिर में रामलला के दर्शन कर रहे हैं। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार भी किए जा रहे हैं। दर्शन के बाद ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राम मंदिर पहुंच गए हैं। यहां मंदिर के अंदर दोनों लोग भगवान श्री राम की पूजा कर रहे हैं।
पीएम मोदी इस वक्त सप्त मंदिरों में पूजा कर रहे हैं। अयोध्या आगमन के बाद उन्होंने रोड शो किया। इस दौरान जनता ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी थोड़ी देर में मंदिर का ध्वजारोहण करेंगे।
अयोध्या में पीएम मोदी के पहुंचने पर लोग उनके स्वागत के लिए सड़क किनारे खड़े हैं। इस दौरान फूलों से उनका स्वागत किया जा रहा है। पीएम मोदी ने भी जनता का अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंच गए हैं। यहां महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के द्वारा वह साकेत महाविद्यालय जाएंगे। इसके बाद कुछ देर में पीएम मोदी का रोड शो शुरू होगा। करीब 1 किलोमीटर के रोड शो में 12 जगहों पर उनका स्वागत किया जाएगा। इसमें सात जगहों पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं। इस दौरान लोक कलाकार अपने गायन व नृत्य से पीएम मोदी का स्वागत करेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण उत्सव में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचे।
सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, "सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण होने जा रहा है। सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का यह दिव्य संदेश पूरे भारतवर्ष में अदम्य आध्यात्मिक आत्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है। करोड़ों रामभक्तों की आस्था, तपस्या और प्रतीक्षा आज एक नए शिखर पर प्रतिष्ठित होने जा रही है। राष्ट्र आज राममय है, धर्ममय है।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण समारोह पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हम सौभाग्यशाली हैं कि हम ऐसे समय में पैदा हुए हैं जब अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर का निर्माण हुआ है और अब धर्म ध्वजा भी लहराने वाली है। राम हमारी हर सांस में हैं।"
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए। यहां हुई तैयारियों का उन्होंने जायजा लिया। साथ ही सीएम योगी ने जनपदीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक ‘ध्वजारोहण’ समारोह पर कहा, 'राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होगा। 11:50 बजे ये ध्वजारोहण किया जाएगा। पीएम मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत मौजूद रहेंगे, और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। ध्वज कोविदार वृक्ष अंकित और सूर्य तथा 'ॐ' अंकित है। भगवा पताका है। ये रंग त्याग और समर्पण का प्रतीक है। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज ऐसा एक ध्वज है। समर्पूण संसार को ये दृश्य अपने-अपने टीवी पर देखने को मिलेगा।' (ANI)
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रेज़रर गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा, 'आखिरकार 5 सदियों के बाद वह दिन आ ही गया। सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं। CM ने भी कल इंतज़ामों का रिव्यू किया था। सर संघ संचालक मोहन भागवत ने भी कल इंतज़ामों का रिव्यू किया था और उससे वह खुश हुए।'
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक ‘ध्वजारोहण’ समारोह के लिए अयोध्या में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
आज अयोध्या के अलग-अलग मंदिरों से भगवान राम की 15 बारात निकालने की तैयारी है...इस मौके पर मंदिरों की विशेष सजावट की गई है..साथ ही जिस रास्ते से भगवान राम की बारात निकाली जाएगी..उन रास्तों को भी राम भक्तों ने फूलों से सजाया है
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने को लेकर पीएम मोदी ने एक्स पर जानकारी दी है। पीएम मोदी ने कहा, 'प्रभु श्री राम भारतवर्ष की आत्मा, उसकी चेतना और उसके गौरव का आधार हैं। मेरे लिए यह परम सौभाग्य की बात है कि कल 25 नवंबर को सुबह करीब 10 बजे अयोध्या के दिव्य-भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन का अवसर प्राप्त होगा। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे श्री राम लला के पवित्र मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज के विधिवत आरोहण के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनूंगा। यह ध्वज भगवान श्री राम के तेज, शौर्य और उनके आदर्शों के साथ-साथ हमारी आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। जय श्री राम!'
पीएम मोदी मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्यावासियों का अभिनंदन करते हुए वे श्री रामजन्मभूमि मंदिर जाएंगे। इसके पहले सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री सप्तमंदिर जाएंगे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में भी शीश झुकाएंगे। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर भी जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर भी जाएंगे। इसके बाद राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे।
अयोध्या में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरी अयोध्या नगरी को अभेद्य किले में बदल दिया गया है। SPG, NSG, CRPF, IB और यूपी पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। अयोध्या नगरी में 15 हजार CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल को यलो जोन बनाया गया है जहां 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही एयरपोर्ट से लेकर राम मंदिर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राम मंदिर के शिखर के साथ मंगलवार को परकोटा में बने छह मंदिरों में भी ध्वजारोहण होगा। परकोटा में बने यह छह मन्दिर है- भगवान शिव, भगवान गणेश, सूर्यदेवता, हनुमान, मां भगवती और माता अन्नपूर्णा। इन मंदिरों में ध्वजदंड और कलश स्थापित हो चुके हैं। 25 नवम्बर को इन मंदिरों में भी ध्वजारोहण होगा।
राम मंदिर में ध्वजारोहण के पहले पूजा अर्चना चल रही है। 25 नवम्बर को विवाह पंचमी भी है और अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे। ध्वज चढ़ते ही दस सेकेंड तक शंख ध्वनि बजेगी, पुष्प वर्षा होगी। इस मौके पर पीएम मोदी के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत, यूपी की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल और करें साढ़े सात हजार अतिथि राम मंदिर में इस पल के साक्षी बनेंगे।
राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज केसरिया रंग का है, जिसकी लंबाई 22 फुट और चौड़ाई 11 फुट है। ध्वज में सूर्यदेव, कोविदार वृक्ष और ओम के चिन्ह बने हैं। ये ध्वज जमीन से 191 फुट ऊंचाई तक ले जाया जाएगा। राम मंदिर का शिखर 161 फिट ऊंचा है, उसके ऊपर ध्वज दंड है जिसपर ध्वज लहराया जाएगा। ध्वज को रस्सिस्यों के सहारे जमीन से 191 फुट ऊपर ले जाया जाएगा। रस्सी का वजन बहुत ज़्यादा है इसलिए रस्सियों को मशीन से जोड़ा गया है। वैसे ध्वजारोहण के लिए बटन की भी व्यवस्था की गई है। ध्वजारोहण के लिए सेना की भी मदद ली गई है।
राम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करेंगे और राम मंदिर के परकोटा के छह मंदिरों में भी ध्वज फहराए जाएंगे। इन मंदिरों में समारोह में मौजूद अन्य अतिथि ध्वजारोहण करेंगे। ये सभी ध्वज अहमदाबाद में तैयार किये गए हैं।
राम नगरी अयोध्या में होने वाले भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राम की नगरी दुल्हन की तरह सजकर तैयार है। अयोध्या में आज सात ध्वज फहराए जाएंगे।