कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रविवार को दीपावली के त्योहार के चलते घर लौटने वाले यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा। बिहार और पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनों में रविवार को दिनभर भीड़ का आलम रहा। रात में हालात और बिगड़ गए, जब प्लेटफॉर्म नंबर 4, 5, 6, 7 और 8 पर पहुंचने वाली ट्रेनों के दरवाजों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
एक टॉयलेट में चार से पांच लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर थे। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के हर टॉयलेट में ऐसी ही स्थिति थी। पंजाब से बिहार की ओर त्योहार मनाने जा रहे यात्रियों ने कहा कि स्पेशल ट्रेनें तो चलाई गईं, लेकिन उनकी भीड़ पर कोई असर नहीं दिखा।
तस्वीरों में दिखी भीड़ की स्थिति
हावड़ा, गोरखपुर, बलिया, वाराणसी जैसे रूटों की नियमित और स्पेशल ट्रेनों के जनरल कोच यात्रियों से ठसाठस भरे थे। कई ट्रेनों के जनरल डिब्बों में यात्रियों ने दरवाजे तक नहीं खोले। स्लीपर कोच में रिजर्वेशन वाले यात्रियों को भी अंदर प्रवेश करने में भारी दिक्कत हुई, क्योंकि कुछ यात्रियों ने अंदर से दरवाजे बंद कर लिए थे।
देखें वीडियो-
NCR का दावा: 200 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) का कहना है कि उसने 200 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इसके बावजूद, कई ट्रेनों में यात्री कोच के हैंडल पकड़कर लटकते नजर आए। कुछ यात्रियों को टॉयलेट में खड़े होकर 800 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ा।
जीआरपी और आरपीएफ की मेहनत
कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशनों पर बिहार, दिल्ली, गोरखपुर जैसे लंबे रूटों की ट्रेनों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)
यह भी पढ़ें-
'यहीं सिर फोड़ देंगे जो आएगा उसका'; ट्रेन में सीट को लेकर TTE से लड़ बैठी महिला, Video वायरल
VIDEO: कानपुर में फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन पर हुआ पथराव, भड़के यात्रियों ने तोड़ा शीशा