1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. करप्शन केस में फंसे IAS अभिषेक प्रकाश की होगी विजिलेंस जांच, सभी संपत्तियों की होगी इंवेस्टिगेशन

करप्शन केस में फंसे IAS अभिषेक प्रकाश की होगी विजिलेंस जांच, सभी संपत्तियों की होगी इंवेस्टिगेशन

 Reported By: Vishal Singh Edited By: Amar Deep
 Published : Mar 22, 2025 09:24 am IST,  Updated : Mar 22, 2025 09:24 am IST

आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ करप्शन का मामला सामने आने के बाद उनको निलंबित कर दिया गया है। वहीं अब इस मामले की जांच विजिलेंस टीम करेगी।

आईएएस अभिषेक प्रकाश।- India TV Hindi
आईएएस अभिषेक प्रकाश। Image Source : FILE

लखनऊ: भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किए गए IAS अभिषेक प्रकाश की विजिलेंस जांच भी की जाएगी। शासन ने अभिषेक प्रकाश की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। इस खुली जांच में उनकी संपत्ति और अर्जित किए गए धन की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान उनकी बरेली, पीलीभीत, हमीरपुर और लखनऊ में तैनाती के दौरान जुटाई गई संपत्ति का ब्यौरा भी विजिलेंस की टीम जुटाएगी। बता दें कि लखनऊ के जिलाधिकारी रहते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण के VC का चार्ज भी अभिषेक प्रकाश के पास था। ऐसे में अब विजिलेंस की टीम इन सभी जगहों से अर्जित संपत्तियों की जांच करेगी।

गुरुवार को किया गया निलंबित

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से गुरुवार को निलंबित कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि इसी मामले में शामिल एक बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया गया है। साल 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को सौर उद्योग के एक निवेशक द्वारा एक शिकायत दर्ज कराने के बाद निलंबित किया गया। शिकायत में निवेशक ने आरोप लगाया था कि बिचौलिये निकंत जैन ने उससे अभिषेक प्रकाश के नाम पर परियोजना की मंजूरी के लिए कमीशन की मांग की थी। निकंत जैन को भी गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। 

बिचौलिये निकंत को किया गिरफ्तार

दरअसल, ‘इन्वेस्ट यूपी’ राज्य की निवेश संवर्द्धन और सुविधा एजेंसी है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करना और सुविधा प्रदान करना है। आईएएस अभिषेक प्रकाश इसके सीईओ के रूप में कार्यरत थे। अधिकारियों ने बताया कि बिचौलिये निकंत जैन को ‘इन्वेस्ट यूपी’ के अधिकारियों की मदद से एक उद्यमी के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए उससे पैसे मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। निकंत जैन (40) के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करके गोमती नगर इलाके से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि पर्याप्त सुबूतों के आधार पर निकंत जैन को गोमती नगर में हुसड़िया चौकी के शहीद पथ के पास से गिरफ्तार किया गया। 

प्राथमिकी में रिश्वत मांगने का आरोप

प्राथमिकी के अनुसार एक औद्योगिक समूह ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के माध्यम से राज्य में एक सौर विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन किया था। इसके अनुसार मामले की समीक्षा एक मूल्यांकन समिति द्वारा की गई, जिसके बाद ‘इन्वेस्ट यूपी’ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आवेदक को निकंत जैन से संपर्क करने को कहा। प्राथमिकी के अनुसार निकंत जैन ने अधिकार प्राप्त समिति और राज्य मंत्रिमंडल से अनुमोदन की सुविधा के लिए पांच प्रतिशत कमीशन (रिश्वत) की मांग की और आवेदक पर अग्रिम भुगतान करने का दबाव बनाया। प्राथमिकी के अनुसार जब आवेदक ने ऐसा करने से इनकार किया तो निकंत जैन ने चेतावनी दी कि उसकी मदद के बिना परियोजना आगे नहीं बढ़ेगी। 

निकंत का है धोखाधड़ी का इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बिचौलिये निकंत जैन का धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों का इतिहास है। उसके खिलाफ मेरठ, लखनऊ और एटा में कई मामले लंबित हैं। अधिकारी निकंत जैन की अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों में संभावित भागीदारी की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि निकंत जैन से जुड़े अधिकारियों या व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की निवेश परियोजना को अनावश्यक देरी के बिना मंजूरी दी जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार मुक्त निवेश तंत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मजबूत होगी। 

यह भी पढ़ें- 

सौतेली मां को प्रेमी से साथ बच्चे ने देखा, दोनों ने गला घोंटकर की मासूम की हत्या; संदूक में छिपाई लाश

मणिपुर हिंसा के बीच 9 साल की बच्ची का मिला शव, रेप की आशंका; हिरासत में 15 संदिग्ध

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।