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'दुनिया जानेगी प्रयागराज महाकुंभ की रणनीति', आयोजन की सफलता पर जानिए अब क्या करने वाली है योगी सरकार?

 Published : Mar 18, 2025 07:57 pm IST,  Updated : Mar 18, 2025 08:04 pm IST

महाकुंभ के मेले में इस बार 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। प्रयागराज में महाकुंभ का ये आयोजन 45 दिनों तक चला था। यहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आए हुए थे।

महाकुंभ का मेला- India TV Hindi
महाकुंभ का मेला Image Source : PTI

प्रयागराज में 10 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का मेला आयोजित हुआ था। इसकी सफलता पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक खास आयोजन करने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए कुशल प्रबंधन को जानने-समझने के लिए 19 मार्च को लखनऊ में सार्वजनिक स्वास्थ्य और जल शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। 

जल विशेषज्ञ और पर्यावरणविद होंगे शामिल

बयान में कहा गया कि इस सम्मेलन में देश के जाने माने वैज्ञानिक, जल विशेषज्ञ, पर्यावरणविद और विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। पहली बार महाकुम्भ में स्वच्छता, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जो उपाय किए गए हैं। जो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बने हैं। 

इन विषयों पर होगी चर्चा

योगी सरकार के नेतृत्व में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के सहयोग से महाकुम्भ में जल प्रबंधन, गंगा की स्वच्छता, आधुनिक तकनीक का उपयोग और आपदा प्रबंधन को सफलतापूर्वक लागू किया गया। इस सम्मेलन में सार्वजनिक स्वास्थ्य, जल संसाधन प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन पर चर्चा होगी।

सबसे स्वच्छ और दिव्य महाकुंभ बना

इसमें विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे आधुनिक तकनीकों और समन्वित प्रयासों से गंगा को स्वच्छ बनाए रखते हुए करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। बयान के मुताबिक, योगी सरकार ने नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा को निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए। घाटों की सफाई, जलमल शोधन संयंत्र, जैविक शौचालयों और कचरा प्रबंधन प्रणाली को लागू किया गया। फलस्वरूप यह महाकुम्भ अब तक का सबसे स्वच्छ और दिव्य महाकुम्भ बन सका। 

शिखर सम्मेलन में कई गैर-सरकारी संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता, शोधकर्ता और नीति निर्धारक भी शामिल होंगे। वे सरकार के प्रयासों को समझने के साथ ही भविष्य में ऐसे भव्य आयोजनों के लिए अपने सुझाव भी देंगे। (भाषा के इनपुट के साथ)

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