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FASTag Scam: गाड़ी के शीशे साफ करने के बहाने फास्टैग से कट रहे पैसे, जानें क्या है सच्चाई?

Edited by: Swayam Prakash @swayamniranjan_ Published : Jun 25, 2022 10:57 pm IST, Updated : Jun 26, 2022 06:21 am IST

FASTag Scam: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गाड़ी साफ करने वाला एक छोटा ला लड़का शीशा साफ करता दिखाई पड़ता है और उसके हाथ में एक स्मार्ट वॉच भी है।

A video on social media spreading misinformation about FASTag - India TV Hindi
Image Source : TWITTER A video on social media spreading misinformation about FASTag 

Highlights

  • सोशल मीडिया पर फास्टैग को लेकर वीडियो हो रहा वायरल
  • वीडियो में दावा, गाड़ी साफ करने वाले ने फास्टैग से उड़ाए पैसे
  • NPCI ने फास्टैग के संबंध में फैली अफवाहों पर दिया बयान

FASTag Scam: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गाड़ी साफ करने वाला एक छोटा ला लड़का शीशा साफ करता दिखाई पड़ता है और उसके हाथ में एक स्मार्ट वॉच भी है। वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि शीशा साफ करने के बहाने लड़का उसके फास्टैग के पैसे उड़ा ले गया। जब वीडियो ज्यादा वायरल हुआ तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) को सफाई देनी पड़ी।  NPCI ने फास्टैग के संबंध में सोशल मीडिया पर जारी अफवाहों को सिरे से नकारा है।

क्या फास्टैग से कोई भी काट सकता है पैसे?

NPCI ने शनिवार को कहा कि फास्टैग में जिस तरह भुगतान किया जाता है उस पेमेंट मोड में व्यक्तियों के बीच किसी तरह का लेनदेन नहीं होता। एनपीसीआई ने इस बारे में ट्विटर पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे ऐसे वीडियो निराधार और गलत हैं। एनपीसीआई ने कहा, ‘‘एनईटीसी फास्टैग केवल व्यक्ति और व्यापारी (पी2एम) के बीच लेनदेन ही करता है। इसमें दो व्यक्तियों के बीच (पी2पी) लेनदेन नहीं होता है। इसका मतलब यह है कि एनईटीसी फास्टैग पारिस्थितिकी के माध्यम से कोई भी व्यक्ति धोखे के लेनदेन से पैसा प्राप्त नहीं कर सकता है।’’ 

कैसे होता फास्टैग के जरिए पेमेंट 

निगम ने कहा कि केवल अधिकृत सिस्टम इंटीग्रेटर (एसआई) को ही लेनदेन की इजाजत होती है। उसने कहा कि एसआई सिस्टम/कंसेशनेयर और बैंकों के बीच का सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है और इसे केवल मंजूरी प्राप्त आईपी एड्रेस और यूआरएल को ही स्वीकार किया जाता है। एनसीपीआई ने कहा कि ऐसे वीडियो के खिलाफ उसने कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें सोशल मीडिया मंचों से हटाया जा रहा है। 

वायरल वीडियो में क्या दिखाया

दरअसल, सोशल मीडिया पर दिखाए गए वीडियो में कहा गया था कि हाइवे पर गाड़ी चलाने वालों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि गाड़ी के शीशे की सफाई करने के बहाने लोग फास्टैग से पैसे काट लिए जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार का शीशा साफ करते हुए एक बच्चा फास्टैग के स्कैन कोड को स्मार्ट वॉच से स्कैन करता है। इसके बाद वह बच्चा वहां से भाग जाता है। वीडियो बनाने वाला शख्स बताता है कि उस बच्चे ने कार साफ करने के बहाने उसके फास्टैग में जमा पैसे निकाल लिए हैं।

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