बागपत: कभी बंदर और कुत्ते आमने-सामने आ जाएं तो लोग दूर हट जाते हैं, लेकिन बागपत कलेक्ट्रेट में इन दिनों एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां एक लंगूर है, जिसका नाम है ‘मटरू’। और मटरू की दोस्ती ऐसी है, जिसे देखकर हर कोई हैरान भी है और खुश भी। मटरू की खासियत उसकी शरारत नहीं, बल्कि उसकी दोस्ती है। आमतौर पर जहां बंदर और कुत्ते आमने-सामने आते ही माहौल तनावपूर्ण हो जाता है, वहीं बागपत कलेक्ट्रेट में नजारा बिल्कुल उलट है। यहां मटरू कुत्तों और छोटे-छोटे पिल्लों के साथ खेलता, दौड़ता और मस्ती करता नजर आता है।
कुत्तों से घुम-मिल गया मटरू
वायरल हो रहे वीडियो में कभी वह पिल्लों के पीछे भागता दिखता है, तो कभी उनके बीच बैठकर आराम फरमाता है। कई बार फरियादी भी उसे देखकर ठिठक जाते हैं। कुछ लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगते हैं, तो कुछ उसके इस अलग अंदाज पर मुस्कुरा उठते हैं। स्थानीय कर्मचारियों के मुताबिक, पहले परिसर में बंदरों के आते ही कुत्ते भौंकने लगते थे और भगदड़ जैसा माहौल बन जाता था। लेकिन मटरू के साथ ऐसा नहीं है। वह कुत्तों के बीच ऐसे घुल-मिल गया है, मानो सालों पुरानी दोस्ती हो।
यूजर बता रहे नेचर का सरप्राइज
सरकारी दफ्तर की सख्त दीवारों और गंभीर माहौल के बीच यह मासूम यारी लोगों को सुकून दे रही है। फाइलों और फरियादों के बीच मटरू की उछलकूद जैसे माहौल को हल्का कर देती है। सोशल मीडिया पर लोग इस दोस्ती को ‘नेचर का सरप्राइज’ बता रहे हैं। कई यूजर्स लिख रहे हैं कि जहां इंसान छोटी-छोटी बातों पर लड़ जाते हैं, वहां जानवरों की यह दोस्ती एक सीख देती है। बागपत कलेक्ट्रेट का यह नजारा अब सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी बन गया है, जो बताती है कि दोस्ती की कोई प्रजाति नहीं होती। और शायद यही वजह है कि बागपत का ‘मटरू’ इन दिनों हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है। (इनपुट- पारस जैन)
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