Panda Sleep Habits: पांडा के बारे में यह बात बेहद दिलचस्प है कि वह अपनी अजीबोगरीब नींद की आदतों की वजह से पूरे विश्व में मशहूर हैं। कहीं भी सोना, कम ऊर्जा वाला आहार लेना और सोने की कोई टाइमिंग ना होना उसकी आदतों में शुमार है। पांडा का अधिकतर जीवन बांस खाने और सोने में ही बीतता है। जानें कि पांडा की जिंदगी ऐसी क्यों होती है।
कहीं भी सो जाता है पांडा
इंटरनेशनल फंड फॉर एनिमल वेलफेयर के मुताबिक, पांडा को जब भी नींद आती है, वे इसके लिए जगह नहीं देखते। वे पेड़ की टहनी पर लटकते हुए भी सो जाते हैं। कभी-कभी तो पांडा खाने के बीच में ही नींद लेने लगते हैं। और तो और वे पथरीली जमीन की चिंता नहीं करते, वह उसके ऊपर भी सकते हैं।
कम ऊर्जा वाला आहार लेते हैं पांडा
पांडा मुख्य तौर पर बांस ही खाते हैं, जिसमें बहुत कम मिनिरल और एनर्जी होती है। इस एनर्जी को बचाने के लिए पांडा दिन में 10 से 12 घंटे के लिए सोते हैं।
पांडा होते हैं मल्टी-टास्किंग
पांडा तो खाते-खाते या खेलते-खेलते भी कई बार नींद की झपकी ले लेते हैं। यह उनकी बॉडी की एनर्जी को मैनेज करने का एक तरीका भी है।
सोने की कोई तय टाइमिंग नहीं
मनुष्यों की तरह पांडा का कोई फिक्स 'स्लीपिंग शेड्यूल' नहीं होता है। वे दिन या रात कभी भी सो जाते हैं। एक बार में वे लंबी नींद लेने की जगह टुकड़ों में सोते हैं। आमतौर पर पांडा 2 से 4 घंटे तक एक बार में सोते हैं। उठते ही वह बांस खाने और खेलने में जुट जाते हैं। पांडा की जिंदगी में यह सिलसिला दिन और रात भर चलता रहता है। पांडा के सोने के लिए कोई निश्चित 'बिस्तर' या 'गुफा' भी नहीं होती है। इन्हें जहां भी थकान महसूस होती है, वे वहीं सो जाते हैं।
ये भी पढ़ें- IPL में नागिन डांस करते दिखे विराट कोहली ? मस्ती भरे Video हो रहे वायरल, यूजर्स ने किया रिएक्ट