Viral Video : खाने में अस्वच्छता के वीडियो मुख्य रूप से खराब बुनियादी ढांचे, बुनियादी स्वच्छता नियमों की अनदेखी और स्ट्रीट फूड वेंडर्स द्वारा कम लागत में भोजन उपलब्ध कराने के दबाव के कारण सामने आते हैं। गंदे बर्तनों, बिना दस्ताने भोजन तैयार करने, दूषित पानी के इस्तेमाल और भीड़भाड़ वाली जगहों पर धूल के कारण भी ये मामले बढ़ते हैं। सोशल मीडिया के युग में ऐसे वीडियो जल्दी वायरल होते हैं, जो जागरुकता और बहस का कारण बनते हैं। हाल ही में ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ है जिसे लेकर दावा किया गया है कि, ये वीडियो मलेशिया के रेस्तरां का वीडियो है। रेस्तरां को उस वक्त बंद कर दिया गया जब उसमें हाइजीन की धज्जियां उड़ाने का वीडियो सामने आया। वीडियो में बचे हुए खाने को धोकर दोबारा परोसे जाने का दावा किया गया था।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
फेसबुक इस पर वीडियो को SEREMBAN नामक पेज पर एक यूजर ने शेयर किया गया है। इसमें आप नासी कंदर रेस्तरां के कर्मचारियों को चिकन, मटन और टोफू सहित बचे हुए पके हुए भोजन को धोकर दोबारा इस्तेमाल के लिए ट्रे में रखते हुए देख सकते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वे देर रात एक मॉल में गए थे और रेस्तरां के पीछे यह गतिविधि देखी। जब उन्होंने कर्मचारियों से इसके बारे में पूछा, तो उन्होंने स्वीकार किया कि भोजन को दोबारा पकाया जाएगा, लेकिन दावा किया कि यह खतरनाक नहीं है। वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और कई लोगों ने इस प्रथा को असुरक्षित और अस्वच्छ बताया। घटना के बाद, नेगेरी सेम्बिलन स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की कि उन्होंने रेस्तरां के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह बचे हुए भोजन का पुन: उपयोग सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। वायरल वीडियो ने मलेशिया में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
रेस्टोरेंट मालिक पर जुर्माना
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बादनेगेरी सेम्बिलन स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. ज़ुरायदा मोहम्मद ने बताया कि उनकी टीम ने रेस्तरां की जांच शुरू कर दी। रेस्तरां मालिक पर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने और अस्वच्छ तरीके से व्यवसाय चलाने के लिए जुर्माना लगाया गया।
फेसबुक पोस्ट से पता चला कि, निरीक्षण दल ने रेस्तरां ने कई नियमों का उल्लंघन पाया था। इसमें वैध लाइसेंस के बिना व्यवसाय चलाना, लाइसेंस की मंजूरी के बिना विज्ञापन प्रदर्शित करना, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने में विफल रहना और सफाई का कोई निर्धारित कार्यक्रम न होना शामिल था। कर्मचारियों को टाइफाइड का टीका नहीं लगा था और परिसर को तिलचट्टों से मुक्त नहीं रखा गया था, जो इधर-उधर रेंगते हुए देखे गए थे। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जुर्माना जारी करते हुए और रेस्तरां को 17 फरवरी तक बंद रखने का आदेश देकर कड़ी कार्रवाई की।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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