Hyderabad Metro Video : विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स को आपने अब तक दिल्ली मेट्रो की तारीफ करते हुए तो खूब देखा होगा। मगर, इस बार ब्रिटेन के एक व्लॉगर ने हैदराबाद मेट्रो में यात्रा करने का अपना अनुभव साझा करके यूजर्स का ध्यान आकर्षित किया है। इशाक पैटरसन नाम के इस व्लॉगर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह ट्रेन में चढ़ने से पहले मेट्रो स्टेशन पर इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। "हैदराबाद में सार्वजनिक मेट्रो" कैप्शन के साथ साझा किए गए वीडियो में पैटरसन मेट्रो प्रणाली की दिखावट और स्वच्छता से प्रभावित होते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @ishaqpatterson नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में पैटरसन को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'मेट्रो अभी आ रही है। वाह! हैदराबाद मेट्रो बहुत शानदार लग रही है। मैं आप लोगों से झूठ नहीं बोलूंगा। उम, शायद अब तक की मेरी सबसे पसंदीदा मेट्रो में से एक। बहुत बढ़िया। लोग इसे देखने के लिए दौड़ रहे हैं ताकि इसे मिस न करें। मुझे नहीं पता यह कितनी बार आती है, शायद हर 20 मिनट में एक बार। लेकिन, हां, हम मेट्रो से जरूर जाएंगे।'
ट्रेन में सफाई देखकर इंप्रेस हुआ व्लॉगर
जैसे ही व्लॉगर ट्रेन में दाखिल हुआ, अंदर की भीड़ और विज्ञापनों को देखकर वह हैरान रह गया। उसने आगे कहा, 'क्या? इस समय तो काफी भीड़ है। अरे बाप रे, इतने सारे विज्ञापन! स्वादिष्ट खाने के विज्ञापन! सच कहूं तो, मैं ये सब नहीं खाने वाला। लेकिन, चलिए देखते हैं कि भीड़ बढ़ने से पहले मुझे मेट्रो में सीट मिल जाए।' सीट मिलने के बाद टूरिस्ट ने ट्रेन की हालत की तारीफ करते हुए कहा, 'अरे वाह, मुझे यहां बैठने दो। यह सचमुच बहुत साफ है और इसमें अच्छी खुशबू भी आ रही है। कोई कूड़ा-कचरा नहीं है। और, यहां कोई नशेड़ी भी नहीं हैं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर इंस्टाग्राम यूजर्स की कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। एक यूजर ने लिखा, 'हैदराबाद मेट्रो वास्तव में शहर में यात्रा करने के सबसे स्वच्छ और सुविधाजनक तरीकों में से एक है।' दूसरे ने कहा, 'हमारे सार्वजनिक परिवहन की सराहना करते हुए देखकर खुशी हुई। हैदराबाद को और अधिक पहचान मिलनी चाहिए।' तीसरे ने लिखा कि, 'यह साफ-सुथरा है क्योंकि यहां के लोग सार्वजनिक स्थानों का सम्मान करते हैं। उम्मीद है यह ऐसे ही बना रहेगा।' एक अन्य यूजर ने कहा, 'हैदराबाद मेट्रो को कम आंका जाता है। इससे बहुत समय बचता है, खासकर व्यस्त समय में।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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