Amazing Facts: कनाडा का राष्ट्रीय शीतकालीन खेल आइस हॉकी (Ice Hockey) दुनिया भर में अपनी तेज रफ्तार, शारीरिक टकराव और रोमांच के लिए प्रसिद्ध है। नाम में 'आइस' शब्द बिल्कुल सही मायने में बर्फ (Frozen Ice) से जुड़ा है। यह खेल बर्फ की चिकनी सतह पर स्केट्स पहनकर खेला जाता है। कनाडा की ठंडी सर्दियों में जमी हुई झीलों, नदियों और तालाबों पर शुरू हुए इस खेल का सीधा संबंध प्राकृतिक बर्फ से है।
आइस हॉकी का महत्व
'आइस' सिर्फ नाम नहीं, बल्कि खेल की आत्मा है। बर्फ की चिकनी, ठंडी सतह पर स्केटिंग की फिसलन, पक (Puck) की तेज रफ्तार और खिलाड़ियों की आक्रामकता इसे अनोखा बनाती है। कनाडा के लिए यह सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान है। ठंडी सर्दियों में फ्रोज़न लेक्स पर शुरू हुआ यह खेल आज अरबों डॉलर का इंडस्ट्री बन चुका है। जो कोई भी आइस हॉकी देखता है, वह समझ जाता है यह बर्फ पर डांस और युद्ध का मिश्रण है। कनाडा की सर्द हवाओं और जमी बर्फ ने दुनिया को यह रोमांचक खेल दिया, जो आज भी लाखों युवाओं को आकर्षित करता है।
आइस हॉकी में आइस का मतलब
आइस हॉकी में 'आइस' का मतलब है रिंक पर बनाई गई आर्टिफिशियल या प्राकृतिक बर्फ की परत। खिलाड़ी आइस स्केट्स (बर्फ पर चलने वाले जूते) पहनकर इस सतह पर तेजी से दौड़ते हैं। पक (Puck) नामक छोटी, काली, गोल रबर डिस्क को स्टिक से मारकर विपक्षी टीम के गोल में डालने का प्रयास करते हैं। बिना बर्फ के यह खेल संभव नहीं है, यही वजह है कि इसे आइस हॉकी कहा जाता है।
इतिहास और कनाडा से जुड़ाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आधुनिक आइस हॉकी की जड़ें कनाडा में हैं। 1875 में मॉन्ट्रियल के विक्टोरिया स्केटिंग रिंक पर पहला इंडोर मैच खेला गया, जिसे जेम्स क्रेटन ने आयोजित किया था। इससे पहले 19वीं सदी में कनाडा की जमी हुई झीलों और नदियों पर यह खेल खेला जाता था। Mi’kmaq आदिवासी समुदाय और यूरोपीय प्रवासियों के खेलों से इसका विकास हुआ। 1994 के नेशनल स्पोर्ट्स ऑफ कनाडा एक्ट के तहत आइस हॉकी को कनाडा का आधिकारिक नेशनल विंटर स्पोर्ट घोषित किया गया, जबकि लैक्रोस को समर स्पोर्ट।
कैसे खेलते हैं आइस हॉकी
आइस हॉकी दो टीमों के बीच खेला जाता है। प्रत्येक टीम में आमतौर पर 6 खिलाड़ी होते हैं। इनमें 5 फील्ड प्लेयर्स (3 फॉरवर्ड, 2 डिफेंस) और 1 गोलकीपर होते हैं। मैच तीन पीरियड्स में खेला जाता है, प्रत्येक 20 मिनट का। कुल समय लगभग 60 मिनट, लेकिन स्टॉपेज के कारण रियल टाइम ज्यादा लगता है। इसका मैदान यानी रिंक 200 फीट लंबा और 85 फीट चौड़ा होता है। इंटरनेशनल (ओलंपिक) रिंक थोड़ा बड़ा लगभग 61 मीटर x 30 मीटर। सतह पर केंद्र में लाल लाइन, दो ब्लू लाइन्स (जोन डिवाइडर), गोल लाइन्स और कई फेस-ऑफ सर्कल होते हैं। रिंक के चारों ओर बोर्ड्स (दीवारें) और ऊपर ग्लास होती है। बर्फ की मोटाई आमतौर पर 3/4 इंच से 1.5 इंच तक रखी जाती है।
आइस हॉकी के नियम
बता दें कि, इसमें गोल के लिए पक को विपक्षी गोल में डालना होता है। अगर कोई खिलाड़ी अपनी हाफ से पक को विपक्षी गोल लाइन के पार बिना टच कराए भेज दे तो आइसिंग का नियम लागू होता है। पक को फिर से विपक्षी टीम की तरफ फेस-ऑफ से शुरू किया जाता है।
ऑफसाइड, हुकिंग, होल्डिंग, हाई स्टिकिंग जैसी पेनल्टीज होती हैं। गौरतलब है कि, ये खेल बेहद तेज और फिजिकल होता है। खिलाड़ी 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से स्केटिंग करते हैं। बदलाव (लाइन चेंज) हर 30-45 सेकंड में होते हैं। सबसे खास बात ये है कि, NHL दुनिया की सबसे प्रसिद्ध लीग है, जिसमें कनाडाई टीमों का दबदबा रहा है। कनाडा ने कई ओलंपिक गोल्ड जीते हैं। महिलाओं की हॉकी भी तेजी से बढ़ रही है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
Video: यूक्रेनी महिला ने भारतीय थिएटर को यूरोप से बेहतर बताया, कहा-'सुविधाएं देखकर होश उड़ गए'