Interesting Facts : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण मार्च 2026 में विश्व के समक्ष गैस, एनर्जी और पेट्रोलियम का गहरा संकट खड़ा हो गया है। कई देशों में गैस की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है जबकि कुछ देशों में पैनिक बुकिंग के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए प्रमुख देश ऊर्जा राशनिंग और कड़े सुरक्षा उपाय अपना रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर LPG, CNG और PNG ये तीन की-वर्ड खूब ट्रेंड हो रहे हैं लेकिन, क्या आपको पता है कि LPG, CNG और PNG में क्या अंतर है ? वैसे स्कूल में आपने इसके बारे में जरूर पढ़ा होगा। मगर यदि आप भूल गए हैं और फिर से जानना चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि LPG, CNG और PNG में क्या अंतर है।
LPG, CNG और PNG में अंतर
LPG, CNG और PNG ये तीनों हाइड्रोकार्बन गैसें हैं लेकिन संरचना, भंडारण, आपूर्ति और उपयोग में काफी अंतर है। LPG (Liquefied Petroleum Gas) प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है जो कि क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और नेचुरल गैस प्रोसेसिंग का बाय-प्रोडक्ट है। वहीं, CNG (Compressed Natural Gas) मीथेन है जो कि प्राकृतिक गैस है जिसे बहुत उच्च दबाव पर संकुचित किया जाता है। PNG (Piped Natural Gas) इसमें भी मीथेन की मात्रा अधिक होती है और यह हवा से हल्की होती है लेकिन कम दबाव पर पाइपलाइन से सप्लाई होती है।
स्टोरेज और सप्लाई का तरीका
LPG, CNG और PNG की स्टोरेज और सप्लाई का तरीका बिंदुवार तरीके से इस प्रकार समझा जा सकता है :
- LPG : ये सिलेंडर में Liquid रूप में स्टोर होती है। दबाव से तरल बन जाता है और इस्तेमाल पर गैस में बदल जाता है फिर ये घरों में रेड सिलेंडर के रूप में पहुंचता है।
- CNG : इसे गैस रूप में ही उच्च दबाव पर सिलेंडर में भरा जाता है और ये कभी तरल नहीं होती।
- PNG : इसे पाइपलाइन से सीधे घर या इंडस्ट्री तक गैस रूप में पहुंचाया जाता है। इसे किसी सिलेंडर या स्टोरेज की जरूरत नहीं होती है।

LPG, CNG और PNG का उपयोग भी जानें
LPG, CNG और PNG के उपयोग को भी बिंदुवार तरीके से इस प्रकार समझा जा सकता है :
- LPG : मुख्य रूप से घरेलू कुकिंग (चूल्हा, स्टोव), पानी गर्म करने और कभी-कभी ऑटोमोबाइल में। भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल, 33 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन।
- CNG : वाहनों में ईंधन-ऑटो, टैक्सी, कार, बस। प्रदूषण कम करता है, पेट्रोल-डीजल से सस्ता।
- PNG : घरों में कुकिंग और हीटिंग के लिए (जहां पाइपलाइन पहुंची हो), कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूज। सुरक्षित और सुविधाजनक होने के कारण इसका चलन शहरों में तेजी से बढ़ रहा है।
उपलब्धता भी जानें
गौरतलब है कि, LPG सब्सिडी पर सस्ती है, लेकिन इसमें सिलेंडर रिफिल की परेशानी होती है। CNG वाहनों के लिए सस्ती है लेकिन स्टेशन पर इसके लिए लंबी लाइन लगती है। वहीं, PNG सबसे सस्ती होने के कारण घरों में इसकी कंटीन्यूअस सप्लाई होती है, लेकिन सिर्फ पाइपलाइन वाले इलाकों में। अगली बार जब सिलेंडर बदलें या CNG भरवाएं, तो इनके बीच के ये अंतर याद रखिएगा।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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