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हाईवे पर लगे बोर्ड हरे रंग के ही क्यों होते हैं ? रोज सफर करने वाले भी नहीं जानते इसकी वजह

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Jun 06, 2026 03:53 pm IST,  Updated : Jun 06, 2026 03:53 pm IST

Amazing Facts: सोशल मीडिया पर आपने हाईवे, एक्सप्रेस-वे और फ्लाईओवर से जुड़े कई तरह के फैक्ट पढ़े होंगे। मगर, क्या आपको पता है इन सभी रूट्स पर जो दिशासूचक बोर्ड लगे होते हैं वे हरे रंग ​के ही क्यों होते हैं ?

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हाईवे पर लगे बोर्ड। Image Source : PTI

Amazing Facts: भारत के नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर सफर करते समय हरे रंग के साइन बोर्ड हर किसी की नजर में आते हैं। इन पर शहरों के नाम, दूरी, एग्जिट और रूट नंबर सफेद अक्षरों में लिखे होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये बोर्ड हरे रंग के ही क्यों होते हैं? नीला, पीला या लाल क्यों नहीं? दरअसल, इसके पीछे ट्रैफिक इंजीनियरिंग, मानव मनोविज्ञान, सुरक्षा मानक और अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं की पूरी वैज्ञानिक सोच है। 

हाईवे पर लगे साइनबोर्ड की उपयोगिता

गौरतलब है कि, दिशा और मार्गदर्शन का प्रतीकसड़क संकेतों में रंगों का अपना अलग अर्थ होता है। लाल रंग निषेध और खतरे के लिए, पीला चेतावनी के लिए, नीला शहरी सुविधाओं या सेवा संकेतों के लिए और हरा मुख्य रूप से हाईवे गाइड साइन्सके लिए इस्तेमाल होता है। हरा रंग लंबी दूरी के मार्गों, शहरों की दूरी और एग्जिट की जानकारी देता है। इससे ड्राइवर तुरंत समझ जाता है कि यह सूचना मार्गदर्शन से जुड़ी है, न कि कोई खतरा या नियम। बता दें कि, भारत में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर हरा बैकग्राउंड सफेद अक्षरों वाला बोर्ड मानक है, जबकि शहरों में अक्सर नीले बोर्ड दिखते हैं। यह अंतर ड्राइवर को सड़क के प्रकार की तुरंत पहचान कराता है।

इन रंगों के बारे में भी जानें 

ऐसा नहीं है ​कि रोड पर केवल हरे रंग के ​बोर्ड दिखते हैं। बल्कि और भी कई रंग इस्तेमाल किए जाते हैं और इनकी अलग वजह है। आइए जानते हैं रोड पर और कौन से कलर के बोर्ड इस्तेमाल होते हैं: 

  • नीला: शहरों, टोल, रेस्ट एरिया, अस्पताल आदि सुविधाओं के लिए
  • पीला/नारंगी: निर्माण क्षेत्र या चेतावनी
  • भूरा: पर्यटक स्थलों के लिए 

हरा रंग लगाए जाने की वजह 

दरअसल, हरा रंग मानव आंखों के लिए सबसे आरामदायक रंग माना जाता है। लंबी ड्राइविंग में यह आंखों पर कम दबाव डालता है। हरा रंग "कूल कलर" है यह न तो बहुत उत्तेजक है और न ही ध्यान भटकाता है। हरा रंग पर्यावरण (पेड़-पौधे) से घुल-मिल जाता है, फिर भी सफेद अक्षरों के साथ उच्च कॉन्ट्रास्ट बनाता है। रात में हेडलाइट्स की रोशनी में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव सामग्री वाले हरे बोर्ड बेहतर चमकते हैं। सफेद अक्षर हरे बैकग्राउंड पर बड़े और पढ़ने में आसान दिखते हैं। अध्ययनों के अनुसार यह संयोजन दूरी से जानकारी ग्रहण करने में मदद करता है, जिससे लास्ट-मिनट लेन चेंज या अचानक ब्रेकिंग कम होती है। सुरक्षा और मनोविज्ञान का पहलूहरा रंग शांति और सुरक्षा से जुड़ा है। हाईवे पर जहां ड्राइवर घंटों ड्राइविंग करता है, वहां हरा रंग मानसिक शांति बनाए रखता है। इससे दुर्घटना की संभावना घटती है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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