उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल में टीएमसी को एक के बाद एक करके झटके लगते जा रहे हैं। एक तरफ जहां विधानसभा में विधायकों ने बगावत की तो वहीं अब सांसदों ने भी बगावत कर दी है। इस बीच नॉर्थ 24 परगना जिले की उत्तर दमदम नगरपालिका के 35 पार्षदों में से 21 ने इस्तीफा दे दिया है। इनके साथ नगरपालिका अध्यक्ष बिधान बिस्वास ने भी इस्तीफा दे दिया है। सामूहिक इस्तीफे का कारण तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्य विधानसभा चुनावों में भारी हार है। पार्षदों ने जनता की अस्वीकृति की नैतिक जिम्मेदारी ली है। ऐसे में टीएमसी के लिए यह भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
टुकड़े-टुकड़े हो गई टीएमसी
दरअसल, ममता बनर्जी इस वक्त चौतरफा मुश्किल में हैं। ममता बनर्जी इंडी अलायंस वाली मीटिंग करती रहीं और उनकी खुद की टीएमसी टुकड़े-टुकड़े हो गई। ममता बनर्जी पूरी तरह से खाली हाथ रह गई हैं। पहले विधायकों ने बगावत की। टीएमसी के 80 में से 60 विधायकों ने दीदी को दरकिनार कर अलग नेता विपक्ष बना लिया। नंबर्स के हिसाब से वहां असली टीएमसी ममता के पास नहीं रह गई। वहीं राज्यसभा में 13 में से 2 सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। लोकसभा में भी दीदी को जोर का झटका लगा है। यहां टीएमसी के 28 में से 20 सांसद बागी हो गए। सांसदों ने स्पीकर को लेटर लिखकर नया गुट बनाने की तैयारी कर ली।
इन सांसदों ने दिया इस्तीफा
सोमवार को दिन में टीएमसी के बागी सांसदों ने बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर बैठक की। उसके बाद टीएमसी में नया गुट बनाने पर मुहर लग गई। नंबर्स की बात करें तो लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं। दो तिहाई का आंकड़ा 18 का होता है। ऐसे में बागी सांसदों के पास असली टीएमसी खुद को साबित करने के लिए जरूरत से ज्यादा नंबर मौजूद हैं। टीएमसी के जो सांसद बागी हुए हैं उनमें बारासात से सांसद काकोली घोष, हावड़ा से सांसद प्रसून बनर्जी, बीरभूम से सांसद शताब्दी रॉय, बोलपुर से सांसद असित मल, मथुरापुर से सांसद बापी हलदर, मेदिनीपुर सांसद जून मालिया, कूचबिहार से सांसद जगदीश बसुनिया, बांकुरा से सांसद अरुप चक्रवर्ती, बैरकपुर से सांसद पार्थ भौमिक, बर्धमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार शामिल हैं। इसमें कोई शक-शुबहा नहीं रह गया है कि टीएमसी पूरी तरह से टूट चुकी है और ये बात टीएमसी नेता भी मान रहे हैं।
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