असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा इन दिनों बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी उम्मीदवारों के लिए जनसभा कर रहे हैं। लेकिन इन दिनों उनके बयान काफी अटैकिंग हो गए हैं। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ममता पहले पीएम मोदी और अमित शाह पर हमला करती थीं, अब वह मुझ पर कर रही हैं। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वे “मार कर मरेंगे।” यह टिप्पणी चुनावी रैलियों के दौरान की थी, जब राज्य में बीजेपी और टीएमसी के बीच तीखा मुकाबला चल रहा था।
सनातन के सम्मान में, हिमंता मैदान में..
Himanta Biswa Sarma ने राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर सीधा हमला बोलते हुए एक चुनावी रैली में आरोप लगाया कि ममता बनर्जी “तुष्टिकरण की राजनीति” कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “ममता दीदी ‘इंशाल्लाह’ और ‘खुदा हाफिज’ बोलती हैं, लेकिन कभी ‘जय श्री राम’ नहीं बोलतीं।
'SIR का विरोध बंगाल नहीं बांग्लादेश में हो'
CM सरमा ने कहा, "जिन लोगों के नाम SIR से हटाए गए हैं, क्या वे सड़कों पर उतरे हैं? जो लोग आपत्ति जता रहे हैं, वे विरोध नहीं कर रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी कर रही हैं। SIR का विरोध बांग्लादेश में होना चाहिए, न कि पश्चिम बंगाल में...।" सरमा की ये टिप्पणियां राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई हैं, जहां चुनाव से पहले नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
नॉन-वेज पर हिमंता का दीदी पर सीधा हमला
हिमंता बिस्वा सरमा ने नॉन-वेज को लेकर भी ममता बनर्जी पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि दीदी बंगाल की जनता के बीच यह झूठ फैला रही हैं कि बीजेपी बंगाल में आई तो नॉन-वेज खाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असम में पिछले 10 वर्षों से बीजेपी की सरकार है, लेकिन वहां आज भी लोग खुले तौर पर नॉन-वेज खाते हैं। लगे हाथ हिमंता ने दीदी को न्योता देते हुए कहा कि वे खुद ममता को चिकन और मटन खिलाएंगे।
TMC के गुंडों को हिमंता का अल्टीमेटम
बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सियासी माहौल हमेशा से बेहद तनावपूर्ण रहता था। अब इस बीच Himanta Biswa Sarma ने Trinamool Congress पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में टीएमसी “गुंडागर्दी और हिंसा की राजनीति” कर रही है और विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का काम हो रहा है। बंगाल में चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं और प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ता बूथ स्तर पर दबाव बनाते हैं, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान प्रभावित होता है।
बंगाल में विकास नहीं, भ्रष्टाचार का खेल
हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में विकास योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा है और कई स्तरों पर “भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद” की स्थिति बनी हुई है।