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'बंगाल मेरा दूसरा घर, यात्रा अभी जारी रहेगी', पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस का भावुक ओपन लेटर

 Published : Mar 11, 2026 02:40 pm IST,  Updated : Mar 11, 2026 02:40 pm IST

CV Ananda Bose Open Letter: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफे के बाद सूबे के लोगों के नाम भावुक ओपन लेटर लिखा। उन्होंने बंगाल को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई। बोस ने 5 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाए हैं।

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पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस। Image Source : PTI FILE

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल डॉक्टर सीवी आनंद बोस ने बुधवार को बंगाल के लोगों के नाम एक ओपन लेटर जारी किया। इसमें उन्होंने भावुक होकर पश्चिम बंगाल को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि यात्रा अभी जारी रहेगी। ओपन लेटर में उन्होंने लिखा, 'मेरे प्यारे बंगाल के भाइयों और बहनों,लोक भवन, कोलकाता में मेरी पारी खत्म होने जा रही है। मैं एक बार फिर आप सभी को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं कि आपने मुझे इतना प्यार और सम्मान दिया। मैं उन पलों को याद करता हूं जब राज्य की प्यार करने वाली और देखभाल करने वाली जनता ने मुझे गले लगाया।'

'मैं बंगाल का अभिन्न हिस्सा बनकर इससे जुड़ा रहूंगा'

बोस ने आगे लिखा, 'मेरी बहन की गोद, उस छोटे बच्चे की मेरी पीठ पर थपकी, उस युवा का मजबूती से हाथ मिलाना, ये सब मेरे दिल में बस गए हैं। मेरा कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन बंगाल में मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। बंगाल मेरा दूसरा घर है और मैं इसका अभिन्न हिस्सा बनकर इससे जुड़ा रहूंगा। कई दशक पहले महात्मा गांधी ने कहा था, मैं बंगाल को छोड़ नहीं पा रहा हूं और बंगाल मुझे जाने नहीं दे रहा। आज मैं वही महसूस कर रहा हूं। इस पवित्र भूमि का जादू इतना है कि यहां महान पुरुष और महिलाएं पैदा हुईं जिन्होंने देश को रास्ता दिखाया।' बोस ने साथ ही अपने लेटर में बंगाल को शुभकामनाएं दी हैं।

'मैंने सोचा यह सही समय है एग्जिट करने का'

बता दें कि बोस ने 5 मार्च 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफे के बाद उन्होंने इसे एक 'सचेत' फैसला बताया और कहा कि इसके पीछे के कारण अभी गोपनीय रहेंगे। बोस ने कहा, 'मैंने इस्तीफा देने का सचेत फैसला लिया है। इसके कारण सही समय आने तक गोपनीय रहेंगे।' उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए अपनी विदाई को समझाने की कोशिश की। बोस ने कहा, 'जहां एंट्री है, वहां एग्जिट भी है। मैंने यहां 1200 दिन राज्यपाल के रूप में बिताए, जो क्रिकेट की भाषा में 12 शतक हैं। इतना काफी है। रुकने का समय आ गया है, मैंने सोचा यह सही समय है एग्जिट करने का।'

ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर उठाए थे सवाल

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्मतला पर अपने धरने के आखिरी दिन मंगलवार को कहा कि राज्य के लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राज्यपाल के बदले जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था, 'बंगाल को बांटने, लोगों को बांटने का खेल बंद होना चाहिए। राजस्थान के लोगों को भी इस पर सोचना चाहिए। जैन, बौद्ध, आदिवासी, मुस्लिम, ईसाई, सिख, सभी धर्म, वर्ग, संप्रदाय वाले इस पर सोचें। अगर कुछ गड़बड़ नहीं थी, तो केंद्र ने चुनावों से एक महीने पहले राज्यपाल क्यों बदला?' ममता बनर्जी ने आगे कहा कि अगर कुछ संदिग्ध नहीं था, तो राज्यपाल को अचानक क्यों हटाया गया।

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