पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले के पूर्वस्थली-2 ब्लॉक की पीला पंचायत के ललितपुर इलाके से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक तालाब के पास से हजारों की संख्या में आधार कार्ड बरामद हुआ है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और राज्य भर में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के एन्यूमरेशन फॉर्म वितरण के बीच राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
आधार कार्ड्स से भरा बोरा बरामद
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार सुबह ललितपुर इलाके में एक जलाशय की सफाई के दौरान यह बोरा बरामद हुआ, जिसे खोलने पर अंदर आधार कार्ड्स के बंडल भरे हुए थे। सूचना मिलते ही पूर्वस्थली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी आधार कार्डों को जब्त कर थाने ले गई। पुलिस और प्रशासन अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं कि पहचान पत्रों की यह हेराफेरी का मामला है या फिर इसके पीछे कोई अन्य साजिश है।
जिलाधिकारी आयशा रानी ने पुष्टि की है कि पुलिस ने आधार कार्ड जब्त कर लिए हैं और उनकी वैधता (असली या नकली) की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना का SIR प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है और यह पहचान पत्र से जुड़ा मामला है, जिसकी सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कार्डों को यहां किसने और किस उद्देश्य से फेंका।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
आधार कार्डों की बरामदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी मंडल-3 के महासचिव देबब्रत मंडल ने इस घटना को रहस्यमय बताते हुए कहा कि SIR फॉर्म वितरण शुरू होने के बीच आधार कार्डों का मिलना कई सवाल खड़े करता है।
मौके पर पहुंचे तृणमूल विधायक तपन चटर्जी ने आशंका जताई कि बरामद आधार कार्ड नकली या डुप्लीकेट हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "पहले 500-700 रुपये में आधार कार्ड बनाए जाते थे, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है। हो सकता है कि किसी ने पुराने डुप्लीकेट कार्डों को फेंक दिया हो।"
(रिपोर्ट- संतोष कुमार मंडल)
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