पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हायर एजूकेशन में गुणवत्ता बनाए रखने पर खासा जोर दिया है। सीएम ने कहा कि प्राइवेट संस्थानों को अपने निवेश पर मुनाफा कमाते समय शिक्षा को सिर्फ पैसे कमाने का उत्पाद नहीं समझना चाहिए।
अच्छे प्रस्ताव पर विचार के लिए तैयार है सरकार
शनिवार शाम नागरिक समाज के सदस्यों से बातचीत के दौरान राज्य में विदेशी विश्वविद्यालयों को आकर्षित करने से जुड़े एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालय के अच्छे प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है।
विदेशी विश्वविद्यालयों को कर रहे आमंत्रित- सीएम
उन्होंने कहा, 'हम एक 'एजुकेशन सिटी' के बारे में सोच सकते हैं, जहां कई हायर एजूकेशन संस्थान हों। वहां सरकारी और निजी, दोनों तरह के विश्वविद्यालय हो सकते हैं। हम विदेशी विश्वविद्यालयों को भी आमंत्रित कर सकते हैं। अगर नामी विदेशी विश्वविद्यालय कोई अच्छा प्रस्ताव लेकर आते हैं, तो हम उस पर विचार करने के लिए तैयार हैं।'
नामी संस्थानों को आकर्षित करना ही काफी नहीं
हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सिर्फ नामी संस्थानों को आकर्षित करना ही काफी नहीं होगा और उन्होंने हायर एजूकेशन के व्यावसायीकरण तथा कई निजी संस्थानों में पढ़ाई के स्तर में कथित गिरावट की कड़ी आलोचना की।
सिर्फ पैसा कमाने का उत्पाद नहीं है शिक्षा
उन्होंने कहा, 'निजी शिक्षण संस्थानों ने भारी निवेश किया है और स्वाभाविक रूप से वे मुनाफे की उम्मीद करते हैं। लेकिन शिक्षा को सिर्फ पैसे कमाने का उत्पाद नहीं समझना चाहिए।'
सीएम ने गोदाम हादसे के बाद बचाव कार्यों की सराहना की
वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को तारातला गोदाम के गिरने के बाद लोगों की जान बचाने में अलग-अलग एजेंसियों की समन्वित कोशिशों की तारीफ की। सीएम ने कहा कि इस हादसे के बाद इमारतों और निर्माण से जुड़ी सुरक्षा की सख़्त निगरानी की जा रही है।
न हों ऐसी दोबारा घटनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। तारातला हादसे के बाद, इमारतों और निर्माण से जुड़े मामलों की खास जांच जारी है और हमने कई कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हर विभाग को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।'
बता दें कि तारातला इलाके में 24 जून को बन रहे एक गोदाम के ढहने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए थे।
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