कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच जारी शीत युद्ध विधानसभा के दरवाजे तक पहुंच चुका है। गुरुवार को जब राज्यपाल धनखड़ राज्य विधानसभा पहुंचे तो उन्हें वहां का गेट बंद मिला। नाटकीय घटनाक्रम के बीच राज्यपाल दूसरे गेट से विधानसभा में पहुंचे। कल हुए इस अपमानजनक व्यवहार के बावजूद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने डॉ बी आर अंबेडकर को उनकी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि देने के फिर वहां जाने का निर्णय लिया है।
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राजभवन से जारी राज्यपाल के शुक्रवार के कार्यक्रमों की सूची के अनुसार धनखड़ अपनी पत्नी के साथ विधानसभा जायेंगे और संविधान निर्माता अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। बृहस्पतिवार को जब वह यहां विधानसभा पहुंचे तब उन्हें उसके बाहर इंतजार करवाया गया और उनके लिए निर्धारित द्वार पर ताला लगा दिया गया था। विधानसभा अध्यक्ष और कर्मचारी गायब थे।
तमतमाये धनखड़ ने कहा कि राज्यपाल के पद के साथ किये गये अपमान से देश का लोकतांत्रिक इतिहास शर्मसार हुआ और इससे राज्य में ‘पिंजड़े में बंद लोकतांत्रिक माहौल’ परिलक्षित हुआ। इस पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उन पर अपने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन करने और राज्य का प्रशासनिक प्रमुख बनने की लालसा पालने का आरोप लगाया।