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नीति आयोग की मीटिंग छोड़कर क्यों चली गईं ममता बनर्जी? कोलकाता पहुंचते ही खुद बताया

 Published : Jul 27, 2024 05:24 pm IST,  Updated : Jul 27, 2024 06:07 pm IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक छोड़कर बाहर निकल आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की एकमात्र प्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें भाषण के दौरान बीच में ही रोक दिया गया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - India TV Hindi
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी Image Source : PTI

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नीति आयोग की मीटिंग में भेदभाव का आरोप लगाया है। दिल्ली से कोलकाता पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में चंद्रबाबू नायडू ने 20 मिनट तक अपनी बात रखी। असम, अरुणाचल, छत्तीसगढ़ और गोवा के मुख्यमंत्रियों ने भी 15-20 मिनट तक अपनी बात रखी लेकिन मुझे केवल 5 मिनट अपनी बात रखने का मौका दिया गया। मीटिंग में मुझे घंटी बजाकर रोकना शुरू कर दिया गया। मैंने कहा  अगर आप बंगाल की बात नहीं सुनना चाहते हैं तो ठीक है और मैं बैठक का बहिष्कार करके चली गई।

सीएम ममता बनर्जी ने कही ये बात

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि राज्य और केंद्र के बीच हमेशा सहयोगात्मक संबंध होने चाहिए। विकास पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैंने सोचा कि इंडिया गठबंधन की तरफ से मीटिंग में सभी के लिए बोलूंगी। मैं बोलना चाह रही थी कि कैसे एनडीए के सहयोगियों को ज्यादा और अन्य को कम बजट दिया गया। यदि आप राज्यों को पंगु बना देंगे तो केंद्र भी पंगु हो जाएगा।

ममता ने लगाया झूठ बोलने का आरोप

ममता ने कहा कि मैंने उन्हें भारत-भूटान नदी के मुद्दों के बारे में बताया। तीस्ता बांग्लादेश मुद्दे पर कई लोग गुमराह कर रहे हैं। इस पर हमने अपनी बात रखी। बंगाल की सीएम ने कहा कि राजनाथ सिंह ने कहा सबके लिए 5-7 मिनट निर्धारित है।  मैंने कहा कि आप लगातार घंटी बजा रहे हैं। मैं वरिष्ठ नेता हूं। मुझे बोलते हुए 6 मिनट से अधिक नहीं हुए हैं। मैं एकमात्र विपक्षी नेता हूं जो यहां पर आई हूं। आगे से सोचना होगा कि क्या हम वहां फिर से जा सकते हैं या नहीं। वे अब झूठ बोल रहे हैं।  

टीएमसी सुप्रीमो ने कहा, ‘‘मुझे कुछ राज्यों पर विशेष ध्यान देने से कोई समस्या नहीं है। मैंने पूछा कि वे अन्य राज्यों के साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं। इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। मैं सभी राज्यों की ओर से बोल रही हूं। मैंने कहा कि हम वे हैं जो काम करते हैं, जबकि वे केवल निर्देश देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नीति आयोग के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं, तो यह कैसे काम करेगा? इसे वित्तीय शक्तियां दें या योजना आयोग को वापस लाएं।

टीएमसी ने बंगाल का अपमान करने का लगाया आरोप

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गई थी। वे पश्चिम बंगाल की मांगों को उठाना चाहती थी लेकिन 5 मिनट बाद उनका माइक बंद कर दिया गया जिसके बाद वे बैठक का बहिष्कार करके बाहर आ गई। यह सिर्फ ममता बनर्जी का नहीं बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल का अपमान है।

रिपोर्टर- ओंकार सरकार

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