Jorasanko Assembly Seat Equation: पश्चिम बंगाल की जोड़ासांको विधानसभा सीट राज्य की सबसे चर्चित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीटों में गिनी जाती है। यह सीट कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और यहां शहरी मतदाताओं, व्यापारिक वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय और मध्यमवर्गीय आबादी का खास प्रभाव माना जाता है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों में इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है, हालांकि बीजेपी ने लगातार अपना वोट शेयर बढ़ाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। ऐसे में 2026 के विधानसभा चुनाव में यहां कड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
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2021 के विधानसभा चुनाव में क्या थे नतीजे?
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जोड़ासांको सीट से तृणमूल कांग्रेस के विवेक गुप्ता ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी की मीना देवी पुरोहित को 12,743 वोटों के अंतर से हराया था। आइए, देखते हैं 2021 के विधानसभा चुनाव में किसे कितने वोट मिले थे:
- विवेक गुप्ता (TMC): 52,123 वोट (52.67%)
- मीना देवी पुरोहित (BJP): 39,380 वोट (39.80%)
- जनाब अजमल खान (कांग्रेस): 4,769 वोट (4.82%)
- NOTA: 1,028 वोट (1.04%)
2021 के विधानसभा चुनाव में जोड़ासांको सीट पर 50.08% मतदान दर्ज किया गया था। इन चुनावों में TMC ने यहां अपना वोट शेयर लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाया था, जबकि बीजेपी ने भी पिछली तुलना में मजबूती दिखाई थी।
2016 के चुनावों में हुई थी TMC की जीत
2016 के चुनाव में जोड़ासांको सीट पर मुकाबला अपेक्षाकृत ज्यादा करीबी रहा था। उस समय TMC की स्मिता बख्शी ने बीजेपी के राहुल सिन्हा को मात्र 6,290 वोटों के अंतर से हराया था। आइए, आपको बताते हैं कि 2016 के विधानसभा चुनावों में किसे कितने लोगों ने वोट किया था:
- स्मिता बख्शी (TMC): 44,766 वोट (42.79%)
- राहुल सिन्हा (BJP): 38,476 वोट (36.77%)
- अविनाश कुमार अग्रवाल (RJD): 15,639 वोट (14.95%)
- NOTA: 2,374 वोट (2.27%)
2016 के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि जोड़ासांको में बीजेपी का उभार 2016 से ही शुरू हो गया था, जिसके बाद 2021 में मुकाबला और कड़ा हो गया था।
2011 में TMC ने लहराया था परचम
2011 के विधानसभा चुनाव में जोड़ासांको सीट पर TMC ने बहुत बड़ी जीत दर्ज की थी। उन चुनावों में सीपीआई-एम यहां दूसरे नंबर पर थी जबकि बीजेपी तीसरे नंबर पर जगह बनाने में कामयाब हुई थी। आइए, देखते हैं आकंड़े:
- स्मिता बख्शी (TMC): 57,981 वोट (51.11%)
- जानकी सिंह (CPI-M): 26,461 वोट (23.33%)
- मीना देवी पुरोहित (BJP): 17,161 वोट (15.13%)
बता दें कि यह वही दौर था जब पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे का पतन शुरू हुआ और तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई। उन चुनावों में ममता बनर्जी पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थी और आज तक अपने पद पर कायम हैं।
2026 के चुनाव में क्या होंगे निर्णायक फैक्टर?
2026 के विधानसभा चुनाव में कोलकाता की जोड़ासांको सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से TMC और BJP के बीच सिमटा दिखाई देता है। शहरी मतदाता और मध्यम वर्ग का रुख इन चुनावों के नतीजों पर बड़ा असर डाल सकता है। अल्पसंख्यक वोट बैंक हालांकि परंपरागत रूप से तृणमूल के साथ रहा है, लेकिन बीजेपी का बढ़ता संगठन और वोट प्रतिशत मुकाबले को कड़ा बना रहा है। इन चुनावों में महिला मतदाताओं की भूमिका भी अहम होगी। कुल मिलाकर राज्य में ममता बनर्जी की पकड़ मजबूत है, फिर भी शहरी सीटों पर बीजेपी लगातार चुनौती दे रही है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जोड़ासांको में 2026 का चुनाव कड़ा, रोचक और निर्णायक होने की पूरी संभावना है।