West Bengal Assembly Elections 2026: तेहट्टा निर्वाचन क्षेत्र नादिया जिले के अंतर्गत आता है। यह सामान्य सीट है। यह कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र है, जिसमें कोई शहरी वोटर नहीं है। खेती यहां के लोगों के लिए आजीवन का प्रमुख साधन है। इस चुनाव क्षेत्र में कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं है।
तेहट्टा के बारे में जानें
तेहट्टा निर्वाचन क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं बहुत कम हैं। सबसे पास का रेलवे स्टेशन पलाशी में है। इंटरनेशनल बॉर्डर के पार बांग्लादेश का मेहरपुर शहर तेहट्टा से लगभग 25 किमी दूर है। यानी यह इलाका बांग्लादेश से सटा हुआ है।
तेहट्टा विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2021 के विधानसभा चुनाव में यह सीट टीएमसी ने जीती थी। 1977 और 2006 के बीच तेहट्टा चुनाव क्षेत्र नहीं था। 1951 और 1972 के बीच हुए सात चुनावों में कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की, जबकि सीपीआई एम ने एक बार, 1971 में यह सीट जीती। CPI(M) ने 2011 में इस चुनाव क्षेत्र के फिर से बनने के बाद फिर से जीत हासिल की। 2016 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने यह सीट छीन ली। 2016 और 2021 में टीएमसी को यहां पर जीत मिली। वहीं, सीपीआई एम ने 2011 में यहां से जीत दर्ज की थी।
बीजेपी अभी तक तेहट्टा सीट नहीं जीत पाई है, लेकिन यहां पर बीजेपी का अच्छा खासा प्रभाव है। बीजेपी का वोट शेयर 2011 में 4.01 परसेंट से बढ़कर 2016 में 8.45 परसेंट और 2021 में 41.70 परसेंट हो गया, जोकि तृणमूल कांग्रेस से सिर्फ़ 2.17 परसेंट पॉइंट कम है। तेहट्टा में बीजेपी की लगातार बढ़त सत्ताधारी टीएमसी के लिए चिंता की बात है क्योंकि उसे कड़ी टक्कर मिल रही है। कुल मिलाकर इस बार तेहट्टा में कड़ा मुकाबला हो सकता है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। बीजेपी राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी है।
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