कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मैनेजर पारा गांव में शुक्रवार सुबह एक 25 वर्षीय महिला और उसके दो बच्चे अपनी झोपड़ी में मृत पाए गए। पुलिस ने एक स्थानीय मछली विक्रेता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने मृतक की पहचान लक्ष्मी मद्दी, उसकी 10 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटे के रूप में की है। उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया गया है।
एक शख्स हिरासत में
लक्ष्मी की भाभी मालती मद्दी ने कहा कि लक्ष्मी का पति मजदूर है और वह कई महीनों से घर से बाहर है। मैं सुबह लक्ष्मी के घर गई और उसका खून से लथपथ शव कंबल में लिपटा हुआ पाया। इसकी सूचना पुलिस को दी। बीरभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमनदीप ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इलाके में मछली बेचने वाले एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
कोलकाता में हत्यारियों की तलाश में जुटी पुलिस
उधर, कोलकाता में अपने घर में मृत पाई गईं दो महिलाओं और एक नाबालिग लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उनकी हत्या की पुष्टि होने के एक दिन बाद पुलिस अब इसमें शामिल लोगों और अपराध के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने बताया कि जांचकर्ता दोनों महिलाओं के पतियों या बाहरी लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों महिलाओं के शवों के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उनकी कलाई कटी हुई थी और गले पर गहरे जख्म के निशान थे, जिससे पता चलता है कि उनकी मौत चोटों के कारण हुई थी। नाबालिग लड़की की मौत जहर के कारण हुई।
अधिकारी ने बताया कि भाइयों ने पहले पुलिस के सामने दावा किया था कि परिवार के सदस्यों के बीच आत्महत्या की योजना बनी थी, जिसके बाद सभी ने दलिये में नींद की गोलियां मिलाकर खा ली थीं। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि वे हमें गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे।