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रियाद में सऊदी अरब के वरिष्ठ नेताओं से मिले NSA अजीत डोभाल, पश्चिम एशिया संघर्ष पर जानें भारत की रणनीति

 Published : Apr 20, 2026 10:15 am IST,  Updated : Apr 20, 2026 10:15 am IST

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज में दोबारा तनाव बढ़ने और मिडिल-ईस्ट की चिंताओं के मद्देनजर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रविवार से सऊदी अरब के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सऊदी के लीडरों से मुलाकात करके द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया।

रियाद में सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैजल बिन फरमान से मिलते भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डो- India TV Hindi
रियाद में सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैजल बिन फरमान से मिलते भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल। Image Source : X@KSAMOFAEN

रियाद: मध्य-पूर्व में छिड़े भीषण संघर्ष के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रविवार को सऊदी अरब के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और सऊदी अरब के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया। एनएसए अजीत डोभाल ने सऊदी अरब के नेताओं के साथ वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष और क्षेत्रीय स्थिति के साथ आपसी हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

सऊदी के विदेश मंत्री फैजल के साथ की चर्चा

डोभाल रविवार को रियाद एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका स्वागत भारत के राजदूत सुहेल खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने किया। इसके बाद डोभाल ने सऊदी विदेश मंत्री फैजल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाइद अल-ऐबान से मुलाकातें कीं। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि इन बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की। 

पाकिस्तान का प्रयास विफल, भारत बना रहा रणनीति

डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब इस हफ्ते पाकिस्तान में पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पाकिस्तान में 11 और 12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहले दौर की बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हुई थी। इसके बाद भारत मिडिल-ईस्ट के अपने सहयोगियों से रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों को नये तरीके से विकसित कर रहा है। भारत की प्राथमिकता खाड़ी देशों में बसे अपने नागरिकों की सुरक्षा से लेकर द्विपक्षीय संबंधों में सहयोग को मजबूत करना है। 

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