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जानिए गृह युद्ध की चपेट में क्यों आया सूडान, 2 दिनों में 300 से अधिक नागरिकों की गई जान; दहशत में लोग

 Published : Apr 15, 2025 01:27 pm IST,  Updated : Apr 15, 2025 01:27 pm IST

सूडान में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। दारफुर में राहत शिविरों पर हुए हमलों में 300 से अधिक आम लोगों की मौत हो गई है। सूडान में करीब दो साल से गृह युद्ध छिड़ा हुआ है।

सूडान में हथियारों से लैस लोग- India TV Hindi
सूडान में हथियारों से लैस लोग Image Source : AP

संयुक्त राष्ट्र: सूडान में हिसा का दौर जारी है। अफ्रीकी देश में करीब दो साल से गृह युद्ध छिड़ा है। यहां दारफुर क्षेत्र में दो दिनों तक चली भीषण लड़ाई में 300 से अधिक नागरिक मारे गए। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी है। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को उत्तर दारफुर में दो राहत शिविरों पर हमला किया गया था। 

'मृतकों में कई बच्चे शामिल'

अधिकारी के मुताबिक शुरुआती हमले के बाद जिस तरह की जानकारी सामने आई थी उसमें 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी। मृतकों में कई बच्चे शामिल थे। इस बीच अब जिस तरह की जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा है। “स्थानीय सूत्रों से मिले आंकड़ों के अनुसार, 300 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 10 मानवीय सहायता कर्मी भी शामिल हैं।"

सूडान में हथियारों से लैस लोग
Image Source : APसूडान में हथियारों से लैस लोग

सूडान में गृहयुद्ध के कारण

बता दें कि, सूडान एक अफ्रीकी देश है जो लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, सैन्य संघर्ष और आंतरिक टकरावों से जूझ रहा है। यहां का गृहयुद्ध एक जटिल संकट है जिसके कई कारण हैं।

सत्ता संघर्ष 

सूडान में वर्तमान गृहयुद्ध का सबसे बड़ा कारण सेना (Sudanese Armed Forces - SAF) और अर्धसैनिक बल (Rapid Support Forces - RSF) के बीच सत्ता की लड़ाई है। 2021 में सूडान की सेना ने तख्तापलट के बाद सत्ता पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद सेना और RSF दोनों ही देश की सत्ता अपने हाथों में लेना चाहते थे, जिससे टकराव शुरू हुआ।

जातीय और क्षेत्रीय टकराव

सूडान विभिन्न जातीय समूहों और जनजातियों का देश है। कई बार इन जातीय समूहों के बीच संसाधनों, जमीन और सत्ता को लेकर संघर्ष होता रहा है, जो बाद में बड़े पैमाने पर हिंसा का रूप ले लेता है। खासकर दारफुर, कोर्डोफन और ब्लू नाइल जैसे क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखी गई है। (एपी)

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