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ब्राजील के राष्ट्रपति ने सेना प्रमुख को पद से हटाया, जानें क्या था विरोध प्रदर्शन में रोल?

 Published : Jan 22, 2023 12:16 pm IST,  Updated : Jan 22, 2023 12:51 pm IST

Brazilian President Lula De Silva Removes Army Chief: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने सेना प्रमुख जनरल जूलियो सीजर डि अरुडा को शनिवार को बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रपति की ओर से की गई इस कठोर कार्रवाई के बाद ब्राजील की में हलचल मच गई है।

लूला डी सिल्वा, ब्राजील के राष्ट्रपति (फाइल)- India TV Hindi
लूला डी सिल्वा, ब्राजील के राष्ट्रपति (फाइल) Image Source : FILE

Brazilian President Lula De Silva Removes Army Chief: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने सेना प्रमुख जनरल जूलियो सीजर डि अरुडा को शनिवार को बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रपति की ओर से की गई इस कठोर कार्रवाई के बाद ब्राजील की में हलचल मच गई है। राष्ट्रपति ने सेना के कुछ अधिकारियों पर राजधानी ब्रासीलिया में 8 जनवरी को हुए हिंसक प्रदर्शनों की अनुमति देने का आरोप लगने के कुछ दिन बाद यह कदम उठाया है।

ब्राजील के सशस्त्र बलों की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा गया है कि जनरल अरुडा को शनिवार को सेना प्रमुख के पद से हटा दिया गया और उनकी जगह जनरल थॉमस मिगुएल रिबेरो पाइवा को नया सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। जनरल पाइवा इससे पहले ब्राजीलियाई सेना की दक्षिण पूर्व सैन्य कमान के प्रमुख पद पर तैनात थे। खबरों के मुताबिक, जनरल अरुडा को बर्खास्त करने के बाद लूला ने शनिवार रात ब्रासीलिया में रक्षा मंत्री जोस मूसियो, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ रुई कॉस्टा और नए सेना प्रमुख जनरल पाइवा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद संवाददाताओं से मुखातिब हुए मूसियो ने कहा कि आठ जनवरी को हुए हिंसक प्रदर्शन सेना में शीर्ष स्तर पर ‘‘विश्वास के स्तर में कमी’’ का कारण बने हैं और सरकार ने फैसला किया कि उसमें बदलाव जरूरी है।

पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के समर्थकों ने किया था हंगामा

पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को सत्ता में बनाए रखने की कोशिशों के तहत उनके समर्थकों द्वारा आठ जनवरी को सरकारी भवनों पर धावा बोले जाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना के बाद लूला ने कई मौकों पर सेना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल अरुडा का नाम लिए बगैर कई बार कहा कि निश्चित तौर पर सेना में मौजूद कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को सरकारी इमारतों में घुसने की अनुमति देकर राजधानी में हिंसक प्रदर्शन में सहयोग दिया। एक साक्षात्कार में लूला ने कहा था कि ‘‘तख्तापलट की कोशिशों में शामिल सभी सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी रैंक के हों।

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