खाड़ी में तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान और अमेरिका एक दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्धविराम "ख़त्म" हो गया है। अब जब युद्धविराम नहीं रहा है, तो ट्रंप के लिए कांग्रेस और अमेरिकी जनता को यह समझाना मुश्किल हो सकता है कि वह अभी भी उस युद्ध को क्यों लड़ रहे हैं, जिसके बारे में उन्होंने शुरू में कहा था कि यह तीन से चार हफ़्ते तक चलेगा। मिज़ान समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तीन सदस्य मारे गए हैं। दोनों तरफ से लगातार हो रहे हमलों ने बार-बार युद्धविराम को खतरे में डाला है, लेकिन गुरुवार को हुए हमले हर लिहाज़ से ज़्यादा बड़े लग रहे थे।
ईरान ने अमेरिका को दी सख्त चेतावनी
वहीं, ईरान ने अमेरिका की और सैन्य ‘साहसिक कार्रवाई’ के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ फोन पर बातचीत में ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ये हमले इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन हैं और उन्होंने अमेरिका को और सैन्य ‘साहसिक कार्रवाई’ न करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में दखल दिया तो करारा जवाब दिया जाएगा।
इजरायल ने कहा-युद्ध खत्म नहीं हुआ है
इधर, इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और उनका इरादा लेबनान में इज़राइली सेना को "जब तक ज़रूरत हो" तब तक बनाए रखने का है। नेतन्याहू ने इज़राइली मीडिया से कहा, "ईरान की सरकार को करारी चोट पहुंची है, और हमारी नीति साफ़ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, चाहे समझौता हो या न हो। युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है, और हमारे सामने नई चुनौतियां आ रही हैं।"
गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल ने जारी किया बयान
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरान के हमलों से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार को खतरा है।
- हम सुरक्षा परिषद से अपील करते हैं कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाए।
- हम इन हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार मानते हैं और मांग करते हैं कि वह तुरंत और बिना किसी शर्त के सभी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद करे।
अब आगे क्या होगा
राष्ट्रपति ट्रंप के मिले-जुले संदेश एक के बाद एक सैन्य हमलों को मंज़ूरी देना, जबकि साथ ही यह ज़ोर देना कि इनका मतलब पूर्ण युद्ध की वापसी नहीं है, इस बात को लेकर अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं कि आगे क्या होगा। ऐसे में अगर होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से बंद हो जाता है और कई हफ़्तों तक रोज़ाना दो से तीन मिलियन बैरल तेल निकालना पड़ता है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर जा सकती हैं।
तुर्की के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री ने 'सीज़फ़ायर की स्थिति' पर तुर्की के अपने समकक्ष से बात की। तुर्की के TRT के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज दोपहर तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से फ़ोन पर बातचीत की। तुर्की के सरकारी ब्रॉडकास्टर के अनुसार, दोनों राजनयिकों ने अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र में हाल की घटनाओं पर चर्चा की।
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