अंकारा: सीरिया के उत्तरपश्चिमी इदलिब प्रांत में अंजाम दिए गए एक भीषण हवाई हमले में तुर्की के 33 सैनिक मारे गए। इस हमले को सीरिया की वायुसेना ने अंजाम दिया था। वायुसेना ने काफी तेजी से हमला बोला और तुर्क सैनिकों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। तुर्की के सीमावर्ती प्रांत हाते के गवर्नर रहमी दोगन ने शुक्रवार की सुबह इसकी पुष्टि की। माना जा रहा है कि इस हमले के बाद अब पूरे इलाके में एक बार फिर से अशांति का दौर शुरू हो जाएगा।
Related Stories
बता दें कि इदलिब में तुर्की के सैनिकों के आने के बाद यह मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। बता दें कि सीरिया की सेना को रूस का समर्थन प्राप्त है। वहीं, तुर्की ने कहा है कि वह 'सीरियाई शासन की सारी जानी-पहचानी जगहों पर हमला करेगा।' तुर्की, सीरिया और अन्य की इस लड़ाई के चलते तकरीबन रोजाना ही इलाके में आसमान से बम बरसते हैं। यही वजह है कि बीते दिसंबर से लगभग 10 लाख लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है जिसमें से लगगभग 50 लाख बच्चे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने क्षेत्र के मौजूदा हालत पर गहरी चिंता जताते हुए सीजफायर की मांग की है। महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि हर घंटा बीतने के साथ ही और भी ज्यादा तनाव का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर टिप्पणी की है और कहा है कि वह इन कथित हमलों से दुखी है और 'NATO के अपने साथी तुर्की के साथ खड़ा है।' विदेश मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने असद, रूस और ईरान समर्थित सेनाओं को हमले रोकने की चेतावनी दी।