नवेद ने ये भी बताया कि हाफिज़ तल्हा सईद के कहने पर ही 27 मई को उन्होंने पाकिस्तान के हलान से अपना मूवमेंट शुरू किया। नवेद के साथ नोमान ओकाशा पख्तून और मोहम्मद भफाई नाम के आतंकवादियों को भी तल्हा ने ही इस ऑपरेशन के लिए चुना था। नवेद ने बताया कि उसके हैंडलर अबु कासिम का सीधा संपर्क हाफिज़ तल्हा सईद से था और तल्हा के ही कहने पर उसे और नोमान को फिदायीन हमले के लिए चुना गया। नवेद ने यह भी बताया कि बीएसएफ पर हमले के दौरान मारा गया उसका साथी नोमान खुद हाफिज सईद का पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड था।
नवेद ने तल्हा सईद के बारे में और भी कई खुलासे किए। नवेद ने बताया कि तल्हा सईद अब धीरे धीरे लश्कर में पोजीशन काफी मजबूत कर चुका है। हाफिज़ सईद के बाद अब तल्हा सईद को नंबर दो माना जाता है। हाफिज़ सईद के भाई Abdur Rehman Makki ने उसे ट्रेनिंग दी है। पिछले तीन साल में हाफिज तल्हा सईद ने लश्कर के काडर के बीच में काफी लोकप्रिय हो चुका है। इतना ही नहीं नवेद ने ये भी बताया कि लश्कर के इस नंबर दो को अब ISI का पूरा सपोर्ट मिल रहा है। ISI अब चाहती है कि बूढे हो रहे हाफिज़ सईद की जगह हाफिज़ तल्हा लश्कर का सुप्रीम कमांडर बन जाए। इसके लिए उसे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना होगा। सूत्रों के मुताबिक ISI के कहने पर ही हाफिज़ तल्हा ने एक्सपेरिमेंट के तौर पर ऊधमपुर और दीनानगर आतंकी हमले की साजिश रची और अब वो हिंदुस्तान के खिलाफ किसी बडी साजिश का प्लान तैयार कर रहा है।
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