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चीन ने डोकलाम पर फिर दावा ठोकते हुए कहा- निर्माण कार्य चालू है, भारत को दी यह ‘नसीहत’

 Reported By: Bhasha
 Published : Jan 29, 2018 05:04 pm IST,  Updated : Jan 29, 2018 05:04 pm IST

हुआ ने जोर देकर कहा कि डोकलाम चीनी भूभाग है और चीन उस इलाके में अपने प्रतिष्ठान बना रहा है...

Representational Image | PTI Photo- India TV Hindi
Representational Image | PTI Photo

बीजिंग: चीनी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारत और चीन को डोकलाम समेत अपने सीमा विवाद को ‘शांतिपूर्ण तरीके’ से देखना चाहिए और मौजूदा तंत्र के जरिए उन्हें सुलझाना चाहिए। चीनी दैनिक ग्लोबल टाइम्स में छपे चीन में भारतीय राजदूत गौतम बंबावले के एक इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बीजिंग में कहा कि मौजूदा तंत्र के जरिए मतभेदों को हल किया जा सकता है। भारतीय राजदूत ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि 3,488 किलोमीटर की सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में यथास्थिति में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से हमने यह नोट किया कि राजदूत ने इस मुद्दे के संदर्भ में बयान दिया है। मुझे कहना चाहिए कि दोनों देशों को सीमा मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से देखना चाहिए और सीमा-संबंधी मौजूदा तंत्रों के जरिए इनका समाधान करना चाहिए जिससे हम हमारे मतभेदों के उचित समाधान के लिए स्थितियां और सक्षम माहौल बना सकें।’ सीमा पर तनाव को लेकर चर्चा करने के लिए व्यवस्था के अलावा भारत और चीन में सीमा विवाद को लेकर मतभेद के समाधान के लिए विशेष प्रतिनिधि स्तर की सीमा वार्ता का तंत्र भी मौजूद है।

एक नई उपग्रह तस्वीर में दिख रही दोनों तरफ की मोर्चेबंदी को लेकर पूछे गये सवाल पर हुआ ने जोर देकर कहा कि डोकलाम चीनी भूभाग है और चीन उस इलाके में अपने प्रतिष्ठान बना रहा है। भूटान यहां अपनी संप्रभुता का दावा करता है। उन्होंने 1890 में ब्रिटेन और चीन के बीच हुई संधि का संदर्भ देते हुए कहा, ‘चीन-भारत सीमा का सिक्किम क्षेत्र इस ऐतिहासिक संधि से सीमांकित है और यह चीन के न्यायक्षेत्र में आती है। चीन ने हमेशा डोंगलांग (डोकलाम) समेत अपने सीमावर्ती इलाकों में संप्रभुता को कायम रखा है।’

उपग्रह की तस्वीरों के बारे में उन्होंने कहा, ‘मै जोर देकर कहना चाहूंगी कि यह (इलाका) चीन की संप्रभुता में आता है जिसमें हम डोंगलांग इलाके में प्रतिष्ठानों का निर्माण कर रहे हैं। कुछ भारतीय मीडिया में इलाके में सैन्य जमाव और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को लेकर खबरें आई हैं। वे इस बारे में काफी उत्साहित हैं।’

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