जकार्ता: सेना ने बुधवार को बताया कि बाली द्वीप के करीब एक पनडुब्बी लापता हो गई है जिसमें 53 लोग सवार थे और इंडोनेशियाई नौसेना तलाशी अभियान में जुटी है। सेना प्रमुख हादी जहजंतो ने कहा कि केआरआई नानग्गला 402 बुधवार को एक प्रशिक्षण अभियान में हिस्सा ले रही थी जब वह लापता हो गई। उन्होंने कहा कि माना जा रहा है पनडुब्बी बाली के उत्र में करीब 95 किलोमीटर दूर पानी में गायब हुई। जाहजंतो ने कहा कि नौसेना ने तलाश के लिये इलाके में जंगी पोत लगाए हैं और सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से मदद मांगी है जिनके पास पनडुब्बी सहायता वाहन हैं।
सैन्य प्रमुख हादी जहजंतो ने एक टेक्स्ट मैसेज में कहा है, "हम बाली के पानी में अब भी तलाश कर रहे हैं, ये जगह बाली से 60 मील (96 किलोमीटर) दूर है।" सैन्य प्रमुख ने इस बात की भी पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर से पनडुब्बी और लापता क्रू सदस्यों की तलाश के लिए मदद मांगी गई है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 4:30 पनडुब्बी के साथ संपर्क टूट गया था। हालांकि इस मामले में ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के रक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया कि नौसेना का मानना है कि पनडुब्बी समुद्र तल में 700 मीटर की गहराई में डूब गई है। अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पनडुब्बी क्यों लापता हुई। जर्मनी में बनी यह पनडुब्बी 1980 के दशक से सेवा में हैं और बृहस्पतिवार को होने वाले प्रक्षेपास्त्र दागने के एक अभ्यास के लिये आज तैयारी कर रही थी। इस अभ्यास में सेना प्रमुख व अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल होने वाले थे। इंडोनेशियाई नौसेना के बेड़े में अभी पांच पनडुब्बी हैं और उसकी 2024 तक इनकी संख्या बढ़ाकर आठ करने की योजना है।
बता दें कि इंडोनेशिया ने बेशक अपनी रक्षा क्षमताओं को उन्नत करने की बात कही थी लेकिन सेवा में शामिल उसके कई उपकरण पुराने हैं और इनके कारण कई घातक हादसे भी हुए हैं। हाल के वर्षों में कई सैन्य परिवहन विमान से जुड़े हादसे देखने को मिले हैं। वहीं इस पनडुब्बी के लापता होने के पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल सका है।
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