काठमांडो: नेपाल में दो बार आये विनाशकारी भूकंप से करीब 10 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे आ गये हैं। भूकंप में करीब 9,000 लोगों की मौत हो गयी और देश में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
नेपाल के राष्ट्रीय योजना आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के कारण 982,000 लोग गरीबी रेखा के नीचे आ गये हैं। इसका कारण संपत्ति का नुकसान तथा आय सृजन के अवसर समाप्त होना है।
आपदा के बाद आकलन की जरूरत 'PDNA' पर मसौदा रिपोर्ट में कहा गया है कि पुनिर्निर्माण और पुनर्वास के लिये 6.66 अरब डालर की जरूरत का अनुमान है जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का करीब एक तिहाई है। मसौदा रिपोर्ट को जल्दी ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
आयोग की मसौदा रिपोर्ट में नुकसान के आकलन को 21 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक नुकसान मकान और बस्तियों को हुआ। इस क्षेत्र में 330 अरब रपये का नुकसान हुआ। वहीं शिक्षा तथा पर्यटन क्षेत्र को क्रमश: 28 अरब डालर तथा 18 अरब डालर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
योजना आयोग ने मसौदा रिपोर्ट शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुशील कोइराला को सौंपी। नेपाल में 25 अप्रैल और 12 मई को भीषण भूकंप आया था। जहां 25 अप्रैल को भूकंप की तीव्रता 7.9 थी वहीं 12 मई को इसकी तीव्रता 7.3 मापी गई।