इस्लामाबाद: अमेरिका, स्वीट्जरलैंड और मैक्सिको ने एनएसजी (न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप) की सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया है। इससे पाकिस्तान बौखला गया है। आनन-फानन में पाक विदेश मंत्रालय ने सदस्यता पर समर्थन के लिए एनएसजी देशों के राजनयिक मिशन को अपनी बात समझाने के लिए बुलाया। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में इन देशों से कहा कि भारत को एनएसजी सदस्यता मिलना दक्षिण एशिया की रणनीतिक स्थिरता पर नकारात्मक असर डालेगा।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पाकिस्तान की सीनेट में कहा, “गैर भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण के लिए पाकिस्तान का प्रयास फलीभूत होगा।” अजीज का यह बयान भारत के एनएसजी में शामिल होने के प्रयास और इस दिशा में देश को अमेरिका और स्विट्जरलैंड के मिले समर्थन के बाद आया है।
अजीज पाकिस्तानी सीनेटरों की ‘भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती मिलीभगत’ को लेकर चिंता हैं और उनकी इस आशंका का जवाब दे रहे थे कि एनएसजी सदस्य देश भारत के इसमें शामिल होने के आग्रह का सकारात्मक जवाब देंगे।
गौर हो कि चीन की आड़ लेकर पाकिस्तान भारत की एनएसजी में एंट्री का विरोध कर रहा है। पाकिस्तान और चीन का तर्क है कि बिना परमाणु अप्रसार संधि-NPT पर साइन किए बिना भारत कैसे एनएसजी की मेंबरशिप हासिल कर सकता है?
माना जाता है कि पाकिस्तान को चीन का समर्थन प्राप्त है जिसने उसे आश्वासन दिया है कि वह तब तक भारत की सदस्यता का समर्थन नहीं करेगा जब तक पाकिस्तान को भी यही दर्जा नहीं दिया जाए। पिछले महीने पाकिस्तान ने एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक आवेदन दाखिल किया था।