इस्लामाबाद: नवाज शरीफ ने 2008 के मुंबई हमले पर की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी की पाकिस्तान के शीर्ष असैन्य और सैन्य नेतृत्व द्वारा की गई निंदा को मंगलवार को खारिज कर दिया। साथ ही, अपदस्थ प्रधानमंत्री ने देशद्रोह करने वाले का पता लगाने के लिए एक राष्ट्रीय आयोग के गठन की मांग की। मुंबई हमलों पर शरीफ की टिप्पणी की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की सोमवार को हुई बैठक में निंदा की गई और इसे गलत एवं गुमराह करने वाला बताया गया था।
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गौरतलब है कि पिछले हफ्ते एक साक्षात्कार में शरीफ ने सीमा पार करने और मुंबई में लोगों की हत्या करने के लिए सरकार इतर तत्वों को इजाजत देने की पाकिस्तान की नीति पर सवाल उठाया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि देश में आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उनकी टिप्पणी ने विवाद छेड़ दिया। इसके बाद पाकिस्तान के शीर्ष असैन्य - सैन्य संस्था एनएससी को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलानी पड़ी थी। पाकिस्तानी मीडिया में कल आई खबर के मुताबिक बैठक के बाद प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने शरीफ से मुलाकात की और उन्हें मुंबई हमलों पर उनकी टिप्पणी को लेकर सैन्य नेतृत्व की चिंताओं से अवगत कराया।
वहीं, शरीफ ने अदालत के बाहर कहा कि NSC का बयान गलत, दुखद और भयावह है। उन्होंने एक राष्ट्रीय आयोग का गठन करने की मांग दोहराई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देशद्रोह किसने किया है। उन्होंने कहा कि एक कौन देशभक्त है और कौन देशद्रोही है, इस बारे में फैसला किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमें यह पता लगाना होगा कि देश में आतंकवाद की नींव किसने रखी। पाकिस्तान अलग-थलग नहीं पड़ रहा, यह पहले से अलग-थलग है। मुझे बताइए कि कौन देश हमारे साथ खड़ा है, क्या कोई है?’ इस बीच, अब्बासी ने मंगलवार को शरीफ की टिप्पणी का नेशनल असेंबली में बचाव करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और गलत मतलब निकाला गया।