नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में फौज का विरोध कर रहे 500 नौजवानों को पहले पीटा गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। पाक सेना के जुल्मों के खिलाफ अब आवाज बुलंद होती जा रही है, लेकिन पाकिस्तान सरकार सेना के दम पर पीओके की आवाजों को कुचलने की कोशिश में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तापन के अत्याकचार के खिलाफ पीओके में हजारों की संख्याे में लोगों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। गिलगित-बाल्टिस्ताओन में हुए इस जोरदार प्रदर्शन में बड़ी संख्याज में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपने गुस्सेय का इजहार किया और पाकिस्तातन से आजादी के नारे लगाए। साथ ही गिलगिट से पाकिस्ताोनी फौज हटाने की मांग की है।
गिलगिट-बाल्टिस्ता न में पाकिस्तासन और पाक पुलिस के अत्यागचारों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हजारों की संख्याक में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए और नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे नाराज स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने 500 युवाओं को इसलिए हिरासत में ले लिया है क्यों्कि उन्हों ने सेना को गिलगित छोड़ने के लिए कहा था।
प्रदर्शनकारियों ने चीन कॉरिडोर का भी विरोध किया उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से केवल चीन और पाकिस्तान के पंजाब को फायदा होगा, लेकिन पाक फौज ने इन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। अब इसके खिलाफ जगह जगह लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर भी भारत का अधिकार है। हम संविधान के दायरे में रहकर इस समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन देश की अखंडता से कोई समझौता नहीं करेंगे।